स्वच्छता अभियान पर ग्रहणपीएचइडी का शौचालय रहता है गंदा, कहां जायें परदेशी प्रतिनिधि, बांकाजिले की आबादी लगभग 23 लाख है, लेकिन जिलेवासियों के लिए जिला प्रशासन द्वारा किसी भी प्रकार की सुविधा मुहैया नहीं करायी गयी है. चाहे सार्वजनिक जगहों पर शौचालय की सुविधा हो या पेयजल की. कहने को तो बांका जिला 11 प्रखंडों में बंटा हुआ है. जिसमें सरकार की एक योजना है कि जहां से यात्री सफर के लिए निकलते हैं या अत्यंत भीड़ भाड़ वाले जगहों पर शौचालय की व्यवस्था की जाती है. लेकिन जिले के किस भी प्रखंडों में बस पड़ाव व भीड़ भाड़ वाले जगहों पर सुलभ शौचालय की व्यवस्था नहीं है. इस शहर में एक भी शौचालय नहीं है जो है वह काम का नहीं है. आज पीएचइडी कार्यालय परिसर के सामने स्थित शौचालय की बात करें तो समझ में आता है कि इस शहर से जो लोग जाते होंगे वह क्या सोचते होंगे. शौचालय में फैली है गंदगी: फोटो : 8 बांका 1 : मुख्य गेट पर फैली गंदगी शौचालय के मुख्य गेट पर ही इतनी गंदगी फैली है कि आपको अंदर की सच्चाई का पता चल जायेगा. अंदर भी फर्श टूटे हुए है और जगह जगह पानी गिरा रहता है. नहीं है दरवाजाफोटो : 8 बांका 2 : टूटे दरबाजे की तसवीर शौचालय का उपयोग करने जो जाते है उनको टूटे दरवाजे का सहारा लेना होता है. शौचालय का एक एक दरवाजा टूटा हुआ है और उसको पकड़ कर बैठना पड़ता है. नहीं है पानी का इंतजाम फोटो : 8 बांका 3 : गंदगी पेन व पानी का साधन उपलब्ध नहीं शौचालय का उपयोग करने वाले लोग खुद से पानी लेकर शौचालय जाते है अंदर में पानी की कोई व्यवस्था नहीं है. साथ ही शौचालय का पेन भी इतना गंदा और बदबूदार है कि एक बार शौचालय का उपयोग कर ले तो दूसरी बार नहीं जायेंगे.
स्वच्छता अभियान पर ग्रहण
स्वच्छता अभियान पर ग्रहणपीएचइडी का शौचालय रहता है गंदा, कहां जायें परदेशी प्रतिनिधि, बांकाजिले की आबादी लगभग 23 लाख है, लेकिन जिलेवासियों के लिए जिला प्रशासन द्वारा किसी भी प्रकार की सुविधा मुहैया नहीं करायी गयी है. चाहे सार्वजनिक जगहों पर शौचालय की सुविधा हो या पेयजल की. कहने को तो बांका जिला 11 प्रखंडों […]
