कलश स्थापना के साथ नवरात्र आरंभ फोटो 13 बांका 4 विजयनगर स्थित भव्य दुर्गा मंदिर5 : मां दुर्गा की पाठ करते पंडित व मेढ़पति ॉ- प्रथम दिन माता के शैलपुत्री रूप की पूजा की गयी-आज ब्रह्मचारणी स्वरूप की होगी पूजा – चंडी पाठ से भक्ति मय हुआ वातावरण – शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में गूंजने लगे दुर्गा सप्तशती के श्लोकबांका. शारदीय नवरात्र मंगलवार से कलश स्थापना के साथ आरंभ हो गया है. नवरात्र के प्रथम दिन मां दुर्गा के शैलपुत्री स्वरूप की पूजा अर्चना की गयी. पूजा को लेकर लोग अपने घर के साथ -साथ मंदिरों की साफ-सफाई व रंगा रोगन को कार्य आरंभ कर दिया है. इसे लेकर लोगों में काफी उत्साह का माहौल है. वहीं छोटे-छोटे बच्चे की टोली सुबह जग कर विभिन्न तरह के फूल को तोड़ कर मां दुर्गा की पूजा के लिए जुटा रहे हैं. शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र के विभिन्न मंदिरों में मंगलवार से चंडी पाठ आरंभ हो गया है. कई लोग अपने घरों में आस्था और विश्वास के साथ नवरात्र व्रत रख कर मां दुर्गा के नाम से कलश स्थापना की है. नवरात्र व्रत करने वाली पूजा सिंह, शालू, निशा,भानू,खुशबू, ब्यूटी, जूली, काजल आदि ने बताया कि जो सच्चे मन से नवरात्र करते हैं, उनकी मनोकामना पूर्ण होती है. इस व्रत को रखने वाले श्रद्धालु पहले गंगा स्नान करते हैं. इसके बाद ही नवरात्र व्रत को आरंभ करते है. कलश स्थापना के बाद दुर्गा चालीसा, चंडी पाठ, दुर्गा नवरात्र व्रत कथा को पढ़ कर मां की पूजा करते हैं. पूजा को लेकर शहर के करहरिया मुहल्ला स्थित दुर्गा मंदिर, ठाकुरबाड़ी स्थित दुर्गा स्थान, विजय नगर स्थित दुर्गा स्थान, जगतपुर मुहल्ला स्थित मंदिरों का रंगा-रोगन किया जा रहा है. मंदिर में रंग बिरंगे बल्ब लगाये जा रहे हैं. मंदिर सहित चौक चौराहे व ऊंचे-ऊंचे स्थानों पर काफी संख्या में साउंड को लगाया गया है. दुर्गा सप्तशती के श्लोंकों की गूंज से आस-पास के इलाके का माहौल भक्ति मय हो गया है. वहीं शहर में सीडी व डीवीडी की दुकानों पर लोगों की भीड़ देखी जा रही है. पूजा सामग्री व फल की दुकानों पर खरीदारी के लिए सुबह से लोगों की भीड़ पहुंच रही है.
कलश स्थापना के साथ नवरात्र आरंभ
कलश स्थापना के साथ नवरात्र आरंभ फोटो 13 बांका 4 विजयनगर स्थित भव्य दुर्गा मंदिर5 : मां दुर्गा की पाठ करते पंडित व मेढ़पति ॉ- प्रथम दिन माता के शैलपुत्री रूप की पूजा की गयी-आज ब्रह्मचारणी स्वरूप की होगी पूजा – चंडी पाठ से भक्ति मय हुआ वातावरण – शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में […]
