बाजार में यूरिया खाद की खुलेआम हो रही है कालाबाजारी, चुनाव का हवाला देकर किसानों को ऊंचे दामों खाद उपलब्ध करा रहे हैं दुकानदार
बांका : जिले के किसानों को जहां मौसम ने बार-बार दगा देकर इन्हें परेशान किया है, वहीं खाद विक्रेता ने भी इससे कम परेशान नही किया है.
जब भी इन्हें अपने फसल में अच्छी उपज के लिए खाद देने की जरूरत पड़ती है तो सही दाम में इन्हें खाद उपलब्ध नहीं हो पाती है. विभाग की मानें तो खाद की कमी जिले में नहीं है.
भागलपुर व नवगछिया में दो दिन के अंतराल में रैक लगती है वहां से खाद का उठाव बराबर किया जा रहा है, लेकिन किसानों की माने तो उन्हें इन दिनों खाद ऊंचे दामों पर उपलब्ध कराया जा रहा है, जबकि विभाग का कहना है कि 298 रुपये मूल्य पर रैक लगता है. वहां से लाने में खर्च होता है इस तरह इसकी कीमत 350 रुपये के करीब होनी चाहिए.
जबकि किसानों को 400 रुपये तक में खाद उपलब्ध हो रहा है. वहीं कई खाद विक्रेता की इस तरह शहर में मनमानी चल रही है कि वो अपने दुकानों में लगे तालिका पर खाद के स्टॉक व मूल्य अंकित नहीं करते हैं.
मंगलवार को खाद की खरीदारी के लिए पहुंचे किसान अनिल सिंह, श्याम सुंदर कापरी, नागेश्वर मंडल, पंकज कुमार मिश्र, दीपू मंडल, चांदसी, संजय भारती, नकुल सिंह सहित कई किसानों ने बताया कि शहर स्थित प्राय: सभी खाद दुकानों पर मूल्य तालिका लगाये गये हैं,लेकिन इसमें किसी भी खाद का मूल्य नहीं अंकित किया गया है.
किसानों ने बताया कि मंगलवार को मेसर्स सुधांशु कृषि केंद्र पर जब खाद लेने के लिए पहुंचे तो दुकान का कहना होता है कि चुनाव को लेकर ट्रांसपोर्ट की कमी है. जिस कारण खाद उपलब्ध नहीं है. जरूरत बताने पर ऊंची कीमत पर खाद मुहैया करा दिया जाता है, जबकि धान की फसल में अब अंतिम बार यूरिया खाद डालना है.
अगर समय पर खाद नहीं दिया गया तो फसल को नुकसान होगा वैसे तो मौसम की मार ने फसल बरबाद कर ही दिया है, वहीं दुकानदार की मनमानी से किसान और परेशान हो रहे हैं. इधर शहर के कई दुकानों पर सरकारी आदेश की धज्जियां उड़ायी जा रही है.
कहते हैं कृषि पदाधिकारी
इस संबंध में जिला कृषि पदाधिकारी संजय कुमार ने बताया कि खाद बाजार में भारी मात्रा में उपलब्ध है. अगर ऊंचे दामों पर किसानों को खाद उपलब्ध कराया जा रहा है तो इसकी जांच की जायेगी. वहीं तालिका के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि तालिका पर स्टॉक व खाद के दाम अंकित होने चाहिए.
जल्द से जल्द इसकी जांच करायी जायेगाी अगर मामला सही पाया गया तो खाद विक्रेता का लाइसेंस रद्द कर दिया जायेगा.
