धान में बाली निकलने से किसानों के चेहरे खिले

झमाझम बारिश के बाद खरीफ फसल की बची जान, लोगों के चेहरे पर लौटी मुस्कान बांका : खरीफ फसल में बाली निकलनी शुरू हो गयी है. हाइब्रिड व श्रीविधि से किसानों द्वारा धान की की गयी खेती राश आयी है. इन दिनों कई खेतों में धान की बाली निकली शुरू हो गयी है. किसानों की […]

झमाझम बारिश के बाद खरीफ फसल की बची जान, लोगों के चेहरे पर लौटी मुस्कान

बांका : खरीफ फसल में बाली निकलनी शुरू हो गयी है. हाइब्रिड व श्रीविधि से किसानों द्वारा धान की की गयी खेती राश आयी है. इन दिनों कई खेतों में धान की बाली निकली शुरू हो गयी है.

किसानों की माने तो इस फसल की दुर्गा पूजा के बाद ही कटाई कर ली जायेगी. बाकी बचे फसल की कटाई छठ पूजा के बाद ही की जायेगी. वहीं खरीफ फसल में मकई, अरहर सहित अन्य फसल में भी बारिश के बाद जान आयी है.

किसानों का मानना है कि अगर दुर्गा पूजा के करीब एक बार बारिश हो जाती है तो धान की पैदाबार अच्छी होगी. जहां पटवन का साधन नहीं है वहां धन की फसल सहित खरीफ फसल अच्छी नहीं है. बीच में ही मौसम ने दगा दे दिया जिस कारण फसल बरबाद हो गये.

खेती करने में किसानों ने खरीफ फसल की खेती करने में हजारों रुपये खर्च किये जो उधार व कर्ज लेकर की गयी. कई किसानों ने बैंक से केसीसी लॉन लेकर खरीफ फसल की खेती है. ऐसे में अगर पैदा वार नहीं होती है तो किसान कर्ज तले दबे रह जायेंगे. कई किसानों ने कहा कि कई वर्षों से क्षेत्र में बारिश नही होने से फसल का नुकसान भरपुर हुआ है.

बावजूद इसके सरकार संबंधित विभाग व स्थानीय जन प्रतिनिधि द्वारा कोई कारगर कदम आज तक नहीं उठाया गया. जिस कारण क्षेत्र के आधे से अधिक किसान बैंक के कर्ज व महाजन के कर्ज में डूबे हुए है. वो इनके कर्ज को नहीं चुका पा रहे है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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