सरोवर में डूबने से किशोर की मौत

प्रतिनिधि : बौंसी पापहरणी सरोवर में शुक्रवार को स्नान करने गये स्थानीय विद्यालय की दशवीं कक्षा के छात्र की डूब कर मौत हो गयी. बौंसी के श्रवण साह के पुत्र रवि कुमार ने बताया कि वह अपने मित्र अचारज निवासी मदन मोहली के पुत्र राहुल कुमार (14 वर्ष) व दुर्गा मंदिर समीप राजकुमार भगत के […]

प्रतिनिधि : बौंसी पापहरणी सरोवर में शुक्रवार को स्नान करने गये स्थानीय विद्यालय की दशवीं कक्षा के छात्र की डूब कर मौत हो गयी.

बौंसी के श्रवण साह के पुत्र रवि कुमार ने बताया कि वह अपने मित्र अचारज निवासी मदन मोहली के पुत्र राहुल कुमार (14 वर्ष) व दुर्गा मंदिर समीप राजकुमार भगत के पुत्र अतुल अमन के साथ सुबह दस बजे स्नान करने आया था.

तीनों मित्र सफाधर्म मंदिर के समीप घाट पर स्नान कर रहे थे. स्नान के बाद रवि व अतुल ऊपर आकर कपड़े पहने लगे, लेकिन राहुल स्नान ही कर रहा था. इसी बीच उसका पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में चला गया. अचानक उसे डूबते देख दोनों उसे बचाने के लिए दौड़े, लेकिन तब तक वह डूब चुका था.

वहां से आने के बाद उन लोगों ने इसकी जानकारी अपने परिजनों को दी. आनन-फानन में व्यवसायी संघ अध्यक्ष राजीव कुमार सिंह ने इसकी सूचना सीओ व थानाध्यक्ष को दी व व्यवसायियों के साथ घटनास्थल पर पहुंचे. तीन घंटे की मशक्कत के बाद उसके शव को निकाला जा सका.

हालांकि, इस कार्य में न तो अंचल प्रशासन द्वारा कोई प्रयास किया गया और न ही थानाध्यक्ष द्वारा ही कोई कोशिश की गयी. अंचलाधिकारी और पुलिसकर्मी तमाशबीन बन वहां खड़े रहे.

मंदार भ्रमण को आए कांवरिये के जत्थे में कटिहार के बकिया निवासी नरेश यादव उर्फ पहवान, बरखा निवासी वरुण ऋषि, सबलपुर निवासी ललन सिंह, विजय कुमार साह, अरविंद भगत, प्रदीप दास, सोनु भगत और सावन साह के अथक प्रयास से राहुल के शव को निकाला जा सका.

घटना स्थल पर मौजूद सैकड़ों लोगों की आंखें नम थी. थानाध्यक्ष ने बताया कि परिजन शव को घर ले गये हैं, अगर पोस्टमार्टम होगा, तो मामले में यूडी केस दर्ज किया जायेगा.

परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल
राहुल अगर टीवी देखता रहता, तो शायद उसकी जान नहीं जाती. परिजनों ने बताया कि स्कूल में छुट्टी होने की वजह से वह घर में बैठ कर टीवी देख रहा था.
तभी उसे दोस्त ने फोन किया कि चलो पापहरणी नहा कर आते हैं. उसके बाद वह बाइक पर सवार होकर नहाने चल दिया. राहुल मदन मोहली के दो बेटों में बड़ा था.
उसके पिता झारखंड में प्राइवेट कंपनी में कार्यरत हैं. छात्र यहां पर रहकर अद्यैत मिशन में पढ़ रहा था. घटना स्थल पर मां रेखा देवी और छोटा भाई मनीष का रो-रोकर बुरा हाल था.
हालांकि, अगर नौका विहार वाले संवेदक द्वारा समय घाट के चारों ओर वेरिकेटिंंग की जाती तो शायद यह घटना नहीं होती. मालूम हो कि पहले भी संवेदक द्वारा पापहरणी के चारों ओर नाव पत्थर से ना टकराए इसके लिए बेरिकेटिंग की गयी थी.

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