खुद बीमार है सदर अस्पताल

बांका: राज्य सरकार का यह दावा रहा है कि लोगों के लिए स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल और खाद्य की समुचित व्यवस्था है. किसी को भी इन सब चीजों से महरूम नहीं होने दिया जायेगा. लेकिन, अगर बांका जिले की बात करें तो यहां पर न तो लोगों के लिए समुचित पेयजल, न विद्यालय में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा […]

बांका: राज्य सरकार का यह दावा रहा है कि लोगों के लिए स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल और खाद्य की समुचित व्यवस्था है. किसी को भी इन सब चीजों से महरूम नहीं होने दिया जायेगा. लेकिन, अगर बांका जिले की बात करें तो यहां पर न तो लोगों के लिए समुचित पेयजल, न विद्यालय में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और न ही स्वास्थ्य सेवा ठीक से मिल पा रही है. हम अगर स्वास्थ्य की बात करें, तो यहां के सदर अस्पताल में करीब तीन सौ पदों में से सिर्फ 78 पर कर्मी ही कार्य कर रहे हैं.

बीच शहर में अनुमंडल अस्पताल था, जिसको बंद कर दिया. जिले के जनप्रतिनिधि व स्वास्थ्य विभाग के कर्मियों का दावा था कि जो सुविधा अनुमंडल अस्पताल में उपलब्ध नहीं थी, वह अब यहां के लोगों को सदर अस्पताल में मिलेगा. लेकिन, इनका दावा खोखला साबित हुआ.

एक तो बीच शहर में स्थानीय लोगों को आसानी से जो चिकित्सक उपलब्ध थे उससे भी महरूम होना पड़ा और दूसरा कि जो सुविधा और जितने चिकित्सक अनुमंडल अस्पताल में उपलब्ध थे उसमें भी कमी आ गयी. दूसरा अस्पताल भी तीन किलोमीटर दूर चला गया.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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