तेतरिया बाजार मे मोबाइल दुकान में लूटपाट व आग लगाने का मामला, थम नहीं रहा नक्सलियों का हमला
बांका/ कटोरिया: रविवार को बांका थाना क्षेत्र से महज आठ किलोमीटर दूर छत्रपाल पंचायत के दुधिया तरी व पिडरॉन गांव के समीप ओढ़नी नदी पर बन रहे पुल के निर्माण कार्य में लगी कंपनी को नक्सलियों द्वारा आग लगा दी गयी थी. इसमें पुलिस अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर छापेमारी कर रही थी कि […]
बांका/ कटोरिया: रविवार को बांका थाना क्षेत्र से महज आठ किलोमीटर दूर छत्रपाल पंचायत के दुधिया तरी व पिडरॉन गांव के समीप ओढ़नी नदी पर बन रहे पुल के निर्माण कार्य में लगी कंपनी को नक्सलियों द्वारा आग लगा दी गयी थी. इसमें पुलिस अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर छापेमारी कर रही थी कि गुरुवार को दूसरी बड़ी घटना घट गयी.
इस घटना में नक्सलियों ने तेतरिया बाजार मे एक मोबाइल दुकान में लूटपाट कर उस दुकान में पेट्रोल छिड़कर आग लगा दी. दो दो बड़ी घटना को अंजाम देकर नक्सली पुलिस को लगातार चुनौती दे रहे हैं.
हालांकि, कुछ लोगों का मानना है कि पुलिस का ध्यान भटकाने के लिए नक्सली अलग अलग स्थानों पर घटना को अंजाम दे रहे है.
मौके पर पहुंची पुलिस
घटना की सूचना मिलते ही करीब डेढ़ घंटे लेट से पुलिस मौके पर पहुंची. घटना स्थल पर सुईया ओपी अध्यक्ष यू एस कामत, एसटीएफ, कटोरिया थानाध्यक्ष प्रवेश भारती, बेलहर थानाध्यक्ष सहित एएसपी ललन पांडे, एसडीपीओ कटोरिया, इंस्पेक्टर कटोरिया मौके पर पहुंचे और मामले की छानबीन की. इस दौरान उन्होंने मौके से कई समान को जब्त किया. घटना स्थल पर पड़े कट्टे को भी जब्त करने की सूचना है. एएसपी एलएन पांडेय ने पीड़ित व उनके परिवार से घटना की जानकारी ली. स्थानीय लोगों से भी पूछताछ की. आस पास के इलाके में छापेमारी अभियान चलाया.
इसके पूर्व हुई थी घटना
सुईया क्षेत्र में गुरुवार की देर शाम हुई घटना के पहले भी नक्सलियों ने दो साल पूर्व एक बड़ी घटना को अंजाम दिया था. जिसमें नक्सलियों ने थाना के समीप ही एक मीनी ट्रक में आग लगाते हुए करीब पांच वाहनों में आग लगा दी थी. जिसमें सुईया चौक पर खड़ी एक बस भी है. वह घटना नक्सलियों ने दिन दहाड़ें अंजाम दिया था.
घटना कर नक्सलियों ने पुलिस को खुली चुनौती दी थी. क्यों कि जिस वक्त नक्सलियों ने पहले वाहन में आग लगायी थी वहां पर ही थाना था. एसटीएफ के जवान भी रहते थे. वहीं पिछले साल नक्सलियों ने जिलेविया मोड़ के समीप भी एक जेसीबी व दो ट्रैक्टरों में आग लगा दी थी.
क्या बताना चाह रहे हैं नक्सली
पिछले पांच दिनों के अंदर लगातार दो बड़ी घटना को अंजाम देकर नक्सली क्या बताना चाह रहे है. जिस प्रकार से नक्सली रविवार की घटना को बांका में अंजाम दिया था उसके बाद से पुलिस क्षेत्र के उभरते हुए संगठन नेता का नाम लेकर छापेमारी कर रही थी. वह संगठन नेता कंपनी के मालिक से पिछले तीन माह से लेबी की मांग कर रहे थे. जिसको कंपनी के लोगों के द्वारा नजरअंदाज किया जा रहा था. फिर नक्सलियों ने कैंप पर हमला करते हुए वाहन को जला दिये. फिर गुरुवार को दूसरी घटना को अंजाम देकर नक्सली कहीं इस घटना से पुलिस का ध्यान तो नहीं हटाना चाह रहे है. क्यों कि जिला मुख्यालय से सटे हुए क्षेत्र में घटना को अंजाम देने के बाद पुलिस कुछ ज्यादा ही उग्र होकर उसके पीछे पड़ी थी. इस घटना को अंजाम देकर नक्सली कुछ ना कुछ जरूर बताना चाह रहे है.
मेला पर असर पड़ने की आशंका
पिछले पांच दिनों में दो बड़ी घटना को अंजाम देकर नक्सलियों ने अपने मनसूबों को साफ किया है. वह पुलिस को साफ बता देना चाह रहे है कि उनको अब पुलिस का डर नहीं लग रहा है. जिस प्रकार रविवार को बांका थाना क्षेत्र के दुधिया तरी गांव के समीप हो रहे ओढ़नी नदी पर पुल निर्माण करा रहे कंपनी के कैंप पर धावा बोलकर नक्सलियों ने दो जेसीबी, एक ट्रैक्टर, एक बोलेरो, एक बाइक व एक जेनरेटर में आग लगा दी थी. गुरुवार की शाम कांवरिया पथ से सटा हुआ इलाका तेतरिया बाजार में जिस प्रकार से नक्सलियों ने घटना को अंजाम दिया उससे यह समझ जाना चाहिए कि आने वाले एक अगस्त से कांवरिया मेले पर भी इसका असर पड़ सकता है. हालांकि प्रत्येक साल पुलिस इस पथ पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम करते रहे है लेकिन इस बार पुलिस को ज्यादा सुरक्षा मुहैया कराना पड़ सकता है. इस मेले को अगर पुलिस जरा भी हलके में लेती है तो कोई अप्रिय घटना घट सकती है.