अमरपुर . एक समय था कि यहां के लोगों को छह सौ से लेकर एक हजार रुपये तक में बालू उपलब्ध हो जाता था. लेकिन अभी खूद बालू वाले जगहों के लोगों को अपना कार्य करने के लिए बालू नसीब नहीं हो पा रहा है. हद तो यह है कि अमरपुर प्रखंड के लोगों को अब बालू लेना एक जंग जितने सा लग रहा है. अब यहां के लोगों पर एक ही बात जुबान पर आ रही है कि बालू अमरपुर प्रखंड की और मनमानी किसी और की क्यों. आखिर अमरपुर वासियों को इस बालू से वंचित क्यों किया जा रहा है. यहां के लोगों का कहना है कि यदि सरकार ने बालू घाटों की बंदोवस्ती ही की थी तो स्थानीय लोगों के लिए बालू का उठाव का निर्देश देती. या ना कि यहां से बिहार से लेकर नेपाल तक बालू उठाव की खूली छूट दे दी जाती.
बालू घाट बंद हो जाने से लोगों की बढ़ी परेशानी
अमरपुर . एक समय था कि यहां के लोगों को छह सौ से लेकर एक हजार रुपये तक में बालू उपलब्ध हो जाता था. लेकिन अभी खूद बालू वाले जगहों के लोगों को अपना कार्य करने के लिए बालू नसीब नहीं हो पा रहा है. हद तो यह है कि अमरपुर प्रखंड के लोगों को […]
