फोटो 1 बांका 7 से 10 : परिचर्चा की तस्वीर एक चापाकल के भरोसे हैं गांव के लोगप्रतिनिधि पंजवाराक्षेत्र के लोग पीने के पानी की समस्या से जूझ रहे हैं. खासकर गरमी के मौसम की शुरुआत होते ही नगरी, नया नगरी के लोगों का जीना दुश्वार हो गया है. इन गांवों की अधिसंख्य आबादी एक मात्र चापानल पर आश्रित है. उसमें भी आयरन की मात्रा अधिक होने के कारण अधिक देर तक रखा पानी उपयोग के काबिल नहीं रहता. ग्रामीण सुबोध कापरी, सुनंदर मंडल, मदन कापरी, सुशील मंडल ने बताया कि गरमी आते ही हम लोगों की परेशानी बढ़ गयी है. सभी लोग नदी किनारे लगे एक मात्र चापानल पर आश्रित हैं, क्योंकि नदी का जल स्तर गरमी के कारण काफी नीचे चला जाता है. इससे गांव में पीने के पानी की खातिर लोगों को गांव के एक मात्र चापानल पर निर्भर रहना पड़ता है. उससे भी निकलने वाला पानी आयरन अधिक होने के कारण ज्यादा देर तक रखने पर पीने लायक नहीं रहता है.
पानी में आयरन बनी समस्या
फोटो 1 बांका 7 से 10 : परिचर्चा की तस्वीर एक चापाकल के भरोसे हैं गांव के लोगप्रतिनिधि पंजवाराक्षेत्र के लोग पीने के पानी की समस्या से जूझ रहे हैं. खासकर गरमी के मौसम की शुरुआत होते ही नगरी, नया नगरी के लोगों का जीना दुश्वार हो गया है. इन गांवों की अधिसंख्य आबादी एक […]
