धान बीज बिक्री में भारी लूट, विभाग मौन

बांका : खरीफ की खेती शुरू होते ही किसानों को लूटने कई दुकानदार व माफिया सक्रिय हो गये हैं. इन दिनों लाइसेंसधारी थोक व खुदरा दुकानदार खाद-बीज पर धड़ल्ले से मोटी रकम किसानों से वसूल रहे हैं. कुछ लाइसेंसधारी दुकानदार न केवल किसानों को लूट रहे हैं, बल्कि सरकार को भी चूना लगा रहे हैं. […]

बांका : खरीफ की खेती शुरू होते ही किसानों को लूटने कई दुकानदार व माफिया सक्रिय हो गये हैं. इन दिनों लाइसेंसधारी थोक व खुदरा दुकानदार खाद-बीज पर धड़ल्ले से मोटी रकम किसानों से वसूल रहे हैं. कुछ लाइसेंसधारी दुकानदार न केवल किसानों को लूट रहे हैं, बल्कि सरकार को भी चूना लगा रहे हैं. किसानों से अधिक रकम लेने के साथ जीएसटी की भी चोरी बड़े पैमाने पर जारी है. परंतु विभाग इस समय मौन बना बैठा है. शिकायत के बावजूद प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी चुप हैं.

कुछ किसानों की शिकायत है कि कीमत से अधिक रकम ली जा रही है. जिन किसानों का चयन सब्सिडी के लिए हुआ है, उससे तो दोगुनी रकम वसूली जा रही है. प्रमुख रूप से 6444 नंबर का धान बीज प्रति किलो 250 रुपये कीमत है. चिह्नित किसानों को इस पर एक सौ रुपये अनुदान भी दिया जाता है. परंतु दुकानदार 250 के बदले 350 से 400 रुपये वसूल रहे हैं. यही नहीं इसका पक्का बिल भी देने से गुरेज करते हैं. यानी की सब्सिडी का रत्ती भर लाभ किसानों को नहीं मिल पा रहा है. इसके अलावा डीएपी व यूरिया सहित अन्य खाद-बीज में भी मनमानी चरम पर है. डीएपी 1076 के बजाय 1500 में बेची जा रही है. जबकि यूरिया का 300 के बदले 400 में बेची जा रही है.

रसीद में जीएसटी नंबर नहीं
खाद-बीज दुकानदार खरीद के बाद पक्का रसीद निर्गत नहीं करते हैं. ऐसा कच्चा रसीद देते हैं जिसपर जीएसटी नबंर या टेन नंबर नहीं रहता है. यही नहीं कभी-कभी रसीद पर कीमत कुछ अंकित रहता है और वसूला अधिक जाता है. अगर रसीद की जांच बारीकी से हो तो दूध का दूध, पानी का पानी हो सकता है.
दुकानदार रसीद देने के नाम पर
करते हैं कोताही
जीएसटी की चोरी भी चरम पर

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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