बांका : नवगठित नगर परिषद चुनाव में महिला मतदाता का उत्साह देखने लायक था. पुरुषों की अपेक्षा महिलाएं ईवीएम का बटन दबाने के लिए ज्यादा गंभीर दिखी. अलबत्ता, कमोबेश सभी बूथ पर महिला वोटरों ने पुरुष वोटर की तुलना अधिक इवीएम का बटन दबाया. राउंड वाइज महिला व पुरुष मतदाताओं की तुलना करें तो हर राउंड में महिलाएं आगे रहीं. महिलाएं अहले सुबह उठकर सर्वप्रथम वोट के लिए तैयार हो गयी थी.
तपती धूप में भी महिलाओं का आत्मविश्वास देखने लायक था. पुरुष जब तक अपने आलस का त्याग करते, तब तक महिलाएं अपना दो वोट अधिक डाल दे रही थी. बहरहाल, नगर परिषद की करीब 37 फीसदी आबादी इस बार भी वोट नहीं डाल सके. घर में अनुपस्थित रहने की वजह से ऐसा हुआ. बताया जाता है कि बड़ी संख्या में शहरी आबादी अन्य जिला व परदेस में रह रहे हैं. प्रत्याशी के बार-बार बुलावे पर भी ज्यादातर लोग अपने काम से समय निकालकर नहीं आ सके. जिला प्रशासन की ओर से चुनावी समर के बीच जागरूकता अभियान नहीं चलाया गया. जानकार बताते हैं कि यदि जागरूकता अभियान चलाया गया होता था तकरीबन 70 फीसदी मतदान की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है. जरूरी था कि बाहर रह रहे मतदाताओं को वोट के प्रति जागरूक करने की.
और मैंने कर ली आसमान की सैर
नगर परिषद चुनाव में महिला मतदाताओं में गजब का उत्साह देखा गया, जबकि जो युवक-युवती पहली बार वोट डाल रहे थे, उनमें भी उत्साह का संचार एक दिन पूर्व से ही होता रहा. वहीं इस दरम्यान मजाकिया अंदाज व संकेत परक बातों का खूब इस्तेमाल किया गया. किसी ने कहा कि वायुयान पर सैर कर लिये तो किसी ने डोर थाम कर पतंग उड़ाने की बात कही. जबकि किसी ने नया मेज खरीदने की बात कही. तो किसी ने चाय की चुसकी लेने की ओर इशारा किया. इन सब बातों से वोटरों ने अपने उम्मीदवार की ओर इशारा किया.
