एक दशक में क्षेत्र के चार ठाकुरबाड़ियों से हो चुकी है मूर्तियों की चोरी

पंजवारा : बाराहाट और इसके आसपास के ठाकुरबाड़ियों में मौजूद भगवान की बेशकीमती मूर्तियां पर चोरों की निगाहें समय-समय पर बदलती रही है. चोरों ने कई बार अपने मंसूबों को अंजाम भी दिया है. मूर्ति चोरी की पहली घटना पंजवारा के ठाकुरबाड़ी से राम जानकी की मूर्ति चोरों ने वर्ष 2006 में चुरा ली थी. […]

पंजवारा : बाराहाट और इसके आसपास के ठाकुरबाड़ियों में मौजूद भगवान की बेशकीमती मूर्तियां पर चोरों की निगाहें समय-समय पर बदलती रही है. चोरों ने कई बार अपने मंसूबों को अंजाम भी दिया है. मूर्ति चोरी की पहली घटना पंजवारा के ठाकुरबाड़ी से राम जानकी की मूर्ति चोरों ने वर्ष 2006 में चुरा ली थी. जिसके बाद वर्ष 2006 में ही बिशनगढ़ ठाकुरबाड़ी से एक बार फिर राम जानकी की मूर्ति चोरी हो गयी. इसके कुछ साल बाद वर्ष 2009 में चंडीडीह गांव के ठाकुर बाड़ी से राधा कृष्ण की बेशकीमती मूर्तियां चोरों ने चोरी कर ली थी. वर्ष 2010 में पंजवारा की गड़ीनाथ मंदिर से पार्वती एवं राधा कृष्ण की अष्टधातु की मूर्ति की चोरी हुई थी. इन सभी चोरी गयी मूर्ति को बरामद करने में स्थानीय पुलिस को कोई भी सफलता हाथ नहीं लगी है.

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