नाबालिग के माता – पिता को समझा-बुझा कर बाल-विवाह नहीं करने के लिए किया राजी
कटोरिया : प्रखंड के मनिया पंचायत अंतर्गत धानवरण गांव में 18 अप्रैल को होने वाले बाल-विवाह पर ब्रेक लगा पाने में चाइल्ड-लाइन की टीम को सफलता मिल ही गयी. चाइल्ड लाइन बांका के कोर्डिनेटर मनोज कुमार सिंह ने बुधवार को कटोरिया थाना के अवर निरीक्षक उमाप्रकाश उमाप्रकाश सिंह व पुलिस बलों के साथ धानवरण गांव पहुंच कर उक्त कार्रवाई की. मंगलवार की शाम यह टीम जब गांव पहुंची थी, तो परिवार के सभी सदस्य घर छोड़ कर फरार हो गये थे.
हालांकि बुधवार को चाइल्ड लाइन टीम के सदस्य व पुलिस पदाधिकारियों ने नाबालिग के माता व पिता को समझा-बुझा कर बाल-विवाह नहीं करने के लिए राजी किया. साथ ही उनसे लिखित शपथ-पत्र भी लिया, जिसमें बिटिया की शादी 18 वर्ष पूरी होने के बाद ही शादी करने का वादा किया गया. ज्ञात हो कि धानवरण गांव में पंद्रह वर्षीया एक छात्रा की शादी 18 अप्रैल बुधवार को होनी थी. लेकिन बारात पहुंचने से पहले ही पहुंची चाइल्ड लाइन की टीम ने बाल-विवाह पर रोक लगा दी. क्षेत्र से इस संबंध में शिकायत दर्ज कराये जाने के बाद ही उक्त कार्रवाई की जा सकी.
उम्र बढ़ाने अभिभावक लगा रहे स्कूलों का चक्कर
क्षेत्र में बाल-विवाह को रोकने की दिशा में चाइल्ड-लाइन व स्थानीय पुलिस की बढ़ती सक्रियता से अब नाबालिग छात्रा को बालिग बनाने के लिए अभिभावक स्कूलों का चक्कर लगा रहे हैं. नाबालिग छात्रा के माता-पिता जन्म-तिथि में हेर-फेर के बदले मोटी रकम देने की भी पेशकश कर रहे हैं. इस संबंध में पूछने पर प्रोजेक्ट गर्ल्स हाईस्कूल कटोरिया की प्रधानाध्यापिका निशा सिंह ने भी बताया कि उनके पास भी कई अभिभावक छात्रा की उम्र अठारह साल बनवाने की मंशा से पहुंचे थे. लेकिन उन्हें बैरंग वापस लौटा दिया. वैसे अभिभावकों को साफ शब्दों में कह दिया गया कि पिछले दिनों ही स्कूल की छात्राओं के साथ सड़क किनारे मानव-श्रृंखला बना कर बाल-विवाह व दहेज-प्रथा उन्मूलन को लेकर शपथ ली गयी थी. इसलिए बिटिया की शादी 18 वर्ष पूरी होने के बाद ही करें.
