तारा मंदिर के समीप दो एकड़ गैर मजरुआ जमीन चिह्नित
बांका : अब बाल कैदियों को भागलपुर भेजने से मुक्ति मिल जायेगी. जिले में बाल कैदियों को आवासीय माहौल में रखने के लिए सरकार ने आवश्यक कदम उठा लिया है. जी हां, बांका जिला में बाल सुधार गृह निर्माण की स्वीकृति मिल गयी है. बाल सुधार गृह निर्माण के लिए तारामंदिर समीप दो एकड़ गैर मजरुआ जमीन चिह्नित कर ली गयी है. यह स्थल ओढ़नी नदी के समीप है. जानकारी के मुताबिक विगत दिनों अभियंताओं की एक टीम जमीन निरीक्षण के लिए पहुंची थी. बांका सीओ ने जमीन से संबंधित सारी जानकारी मुहैया करा दी है. सूत्रों के मुताबिक नगर परिषद बांका क्षेत्र अंतर्गत निर्माण होने वाले बाल सुधार गृह 50 बेड वाला होगा. बाल सुधार गृह निर्माण में तकरीबन पांच करोड़ की राशि खर्च होने का अनुमान है. भवन निर्माण की जिम्मेदारी बिहार राज्य भवन निर्माण निगम को दी गयी है. जल्द ही शुरुआती प्रक्रिया पूरी कर टेंडर निकाला जायेगा.
बाल सुधार गृह निर्माण से खत्म होगी परेशानी
जिला में बाल सुधार गृह नहीं रहने की वजह से कई तरह की परेशानी आती रहती थी. सबसे बड़ी दिक्कत किसी बाल कैदी को पकड़ने के बाद भागलपुर संप्रेषण गृह भेजने में आता है. साथ कर अक्सर तारीख के सिलसिले में बाल कैदियों को भागलपुर से बांका लाना पड़ जाता है. इसमें अतिरिक्त खर्च के साथ असुरक्षा का भय भी बना रहता था. हालांकि अब जल्द ही आवासीय माहौल में बाल कैदियों को बांका में ही रखा जायेगा. साथ ही इन्हें समाज के मुख्यधारा से जुड़ने के लिए आवश्यक ज्ञान भी दिया जायेगा.
बाल सुधार गृह निर्माण के लिए तारा मंदिर समीप दो एकड़ जमीन चिह्नित की गयी है. विगत दिनों अभियंताओं की टीम भी पहुंची थी. जमीन के बाद आगे की प्रक्रिया पूरी कर भवन का निर्माण किया जायेगा.
दीपक कुमार, सीओ, बांका
