ग्रामीण विकास विभाग काम में पारदर्शिता लाने व समय की उपयोगिता को देखते हुए मनरेगा से सिक्योर साॅफ्टवेयर को जोड़ रही है. जिससे मनरेगा से जुड़े लोगों को काफी सहूलियत होगी.
बांका : वित्तीय वर्ष 2018-19 शुरू होने के साथ ही मनरेगा से एक नयी सुविधा जुड़ जायेगी. जी हां, एक अप्रैल से सिक्योर सॉफ्टवेयर लांच किया जा रहा है. अब मनरेगा से संबंधित विभिन्न प्रकार के क्रियाकलाप इसी साॅफ्टवेयर के माध्यम से ऑनलाइन पूरे किये जायेंगे. जानकारी के मुताबिक ग्रामीण विकास विभाग भारत सरकार कार्य में पारदर्शिता व समय की उपयोगिता को देखते हुए मनरेगा से सिक्योर साॅफ्टवेयर को जोड़ रहा है.
इस संबंध में सभी जिलों को पत्र प्रेषित कर दिया गया है. अब एक अप्रैल से मनरेगा अंतर्गत सभी कार्य का प्राक्कलन बनाने व उसकी तकनीकी व प्रशासनिक स्वीकृति का कार्य सिक्योर साॅफ्टवेयर के माध्यम से ऑनलाइन पूरा होगा. दरअसल, अक्सर मनरेगा को लेकर तमाम तरह की अटकलें सामने आती रहती है. कभी प्राक्कलन में गड़बड़ी, तो कभी एमबी गायब होने की खबर सहित अन्य प्रकार की शिकायतें आती रहती हैं.
इसीलिए सिक्योर साॅफ्टवेयर इस बात के लिए सिक्योर करेगा कि अब किसी प्रकार की फाइल या एमबी गायब नहीं होने वाली है. सभी प्रकार की प्रक्रिया संबंधित साॅफ्टवेयर पर होगी और साॅफ्टवेयर में हमेशा के लिए यह सुरक्षित रह जायेगा. इस साॅफ्टवेयर से खास सुविधा यह प्राप्त होगी कि किसी भी स्तर पर अब लेट-लतीफी नहीं की जायेगी. नीचे से ऊपर तक के अधिकारी ऑनलाइन ही सारी प्रक्रियाएं पूरी कर देंगे. साथ ही फाइल लटकाने का बहाना भी खत्म हो जायेगा.
अब मनरेगा का प्राक्कलन, स्वीकृति सहित अन्य प्रक्रिया सिक्योर साॅफ्टवेयर से पूरी की जायेगी. यह पूरी तरह ऑनलाइन पद्धति है. साॅफ्टवेयर क्रियान्वयन की तैयारी अंतिम चरण में है.
अभिलाषा कुमारी शर्मा, डीडीसी, बांका
