28 लाख की लागत से 10 बकरी फार्म खोलने की मिली मंजूरी

निजी क्षेत्र में गोट फार्मिंग को बढ़ावा देने के लिए राज्य से हरी झंडी बांका : गोट फार्मिंग के रूप में जिले की पहचान स्थापित कर रोजगार का द्वार खोलने के लिए योजना का पिटारा खुल गया है. जी हां, समेकित बकरी एवं भेड़ विकास योजना के तहत निजी क्षेत्र में दस बकरी फार्म खोलने […]

निजी क्षेत्र में गोट फार्मिंग को बढ़ावा देने के लिए राज्य से हरी झंडी

बांका : गोट फार्मिंग के रूप में जिले की पहचान स्थापित कर रोजगार का द्वार खोलने के लिए योजना का पिटारा खुल गया है. जी हां, समेकित बकरी एवं भेड़ विकास योजना के
तहत निजी क्षेत्र में दस बकरी फार्म खोलने की स्वीकृति राज्य से प्राप्त हो गयी. जल्द ही सभी प्रक्रिया पूरी कर बकरी फार्म स्थापित किये जायेंगे. लाभुक को प्रत्येक फार्म पर विभाग 50 फीसदी अनुदानित लाभ मुहैया करायेगी. इच्छुक लोग पशुपालन विभाग में गोट फार्म स्थापित करने के लिए आवेदन जमा कर सकते हैं. विभागीय चयन समिति तय मानक के अनुरूप लाभुक का चयन करेंगे. इसके बाद आवेदन की स्वीकृत
कर ऋण के लिए बैंक को समर्पित किया जायेगा.
20 बकरी व एक बकरा के फार्म पर दो लाख होगा खर्च
वित्तीय वर्ष 2017-18 में दस फार्म स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित है. जानकारी के मुताबिक 20 बकरी व एक बकरा क्षमता के सात फार्म स्थापित किये जायेंगे. इसमें सामान्य वर्ग के छह व एक अनुसूचित जाति के लिए अधिकृत है. जबकि 40 बकरी व दो बकरा क्षमता के तीन फार्म सामान्य वर्ग के लिए स्वीकृत किये गये हैं. विभागीय जानकारी के मुताबिक 20 बकरी व एक बकरा क्षमता के एक फार्म पर दो लाख की राशि खर्च होगी. जिसमें 50 फीसदी यानी एक लाख रुपये विभाग अनुदान के रूप में देगी. इसी प्रकार 40 बकरी व एक बकरा के फार्म में चार लाख की राशि व्यय होने का अनुमान है. जिस पर विभाग दो लाख रुपया अनुदान के रूप में भुगतान करेगी.
जीविका के माध्यम से गरीब परिवारों के बीच होगा बकरी का वितरण
गोट फार्म से उत्पादित बकरी को जीविका के माध्यम से गरीब परिवार के बीच वितरित किया जायेगा. विभाग गोट फार्म तय दर पर बकरी क्रय करेगी. इसके बाद वितरण की व्यवस्था सुनिश्चित की जायेगी. पशुपालक के बीच बकरी वितरित कर रोजगार का जरिया खोला जायेगा.
समेकित बकरी एवं भेड़ विकास योजना के तहत दस बकरी फार्म स्थापित करने की स्वीकृति प्राप्त हुयी है. तय प्रक्रिया के अनुसार लाभुक को फार्म के लिए अधिकृत किया जायेगा. इस पर 50 फीसदी अनुदान भी निर्धारित है.
सुरेंद्र सिंह, जिला पशुपालन पदाधिकारी, बांका

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