बांका : प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश केके महता की अदालत ने सोमवार को शादी की नीयत से एक नाबालिग छात्रा के अपहरण मामले में एक महिला समेत तीन अभियुक्तों को चार-चार साल की सजा सुनाई है. कोर्ट परिसर से मिली जानकारी के अनुसार कोर्ट ने यह सजा रजौन थाना क्षेत्र के रसलपुर गांव निवासी बलराम तांती, उनके पिता प्रदीप तांती व माता मीरा देवी को सुनाई है. इस मामले में 27 जुलाई 2008 को गांव के ही शिव कुमार मिश्र ने स्थानीय थाना में मामले की प्राथमिकी दर्ज करायी थी. दर्ज प्राथमिकी में आवेदन में उन्होंने कहा था कि गत उक्त तिथि को सुबह सबेरे उनकी नाबालिग पुत्री घर से शौच के निकली थी.
कुछ देर के बाद जब वह वापस घर नहीं लौटी तो परिजनों ने उसकी खोजबीन शुरू कर दी. इसी दौरान परिजनों को पता चला कि गांव के बलराम तांती व उनके परिजनों में मिलकर नाबालिग को भगा ले गये हैं. खोजबीन के क्रम में ही बलराम तांती के परिजन घर वापस आ रहे थे. पीड़ित परिवार ने अपनी पुत्री के बारे में जब पूछताछ की, तो सभी ने मिलकर गाली-गलौज करने लगे और कहा कि मेरा बेटा तुम्हारी पुत्री से शादी करना चाहता है. इसलिए पुत्री को भगाकर ले गया है.
उधर कोर्ट में सजा सुनाये जाने के बाद अभियुक्तों को जेल ले जाने के क्रम में कोर्ट परिसर में मीरा देवी बेहोश होकर गिर पड़ी. जिससे परिसर में कुछ देर तक के लिए अफरा-तफरी का माहौल बना रहा है. हालांकि मौजूद पुलिस कर्मियों की सक्रियता से स्थिति सामान्य हो गयी और बेहोश हुई महिला के मुंह पर पानी छिड़ककर होश में लाया गया. जिसके बाद तीनों अभियुक्तों को जेल भेज दिया गया. कोर्ट की बहस में अभियोजन पक्ष की ओर से पीपी आरकेपी सिंह व बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता लालदीप यादव ने बहस में हिस्सा लिया.
