रेलवे के जरिये बांका अल्ट्रा मेगा पावर प्रोजेक्ट को होगी कोयला आपूर्ति
बांका : केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना अल्ट्रा मेगा पावर प्रोजेक्ट बांका में स्थापित करने की सुस्त पड़ी प्रक्रिया में एक बार फिर जान आने की उम्मीद जगी है. 2200 एकड़ जमीन में स्थापित होने वाले इस प्रोजेक्ट के लिए जमीन अधिग्रहण की कार्रवाई शीघ्र शुरू हो सकती है. जमीन अधिग्रहण से होने वाले सामाजिक […]
बांका : केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना अल्ट्रा मेगा पावर प्रोजेक्ट बांका में स्थापित करने की सुस्त पड़ी प्रक्रिया में एक बार फिर जान आने की उम्मीद जगी है. 2200 एकड़ जमीन में स्थापित होने वाले इस प्रोजेक्ट के लिए जमीन अधिग्रहण की कार्रवाई शीघ्र शुरू हो सकती है. जमीन अधिग्रहण से होने वाले सामाजिक एवं आर्थिक प्रभाव के लिए जल्द ही सर्वे की टीम बांका पहुंच सकती है. जी हां, जिला भू-अर्जन विभाग ने सामाजिक मूल्यों व प्रभाव की समुचित जानकारी के लिए अधियाची विभाग दिल्ली से इस संदर्भ में सर्वे का प्रस्ताव भेजी है. जिसके बाद सर्वे एजेंसी आद्री पटना को सर्वे की जिम्मेदारी सौंप दी जायेगी.
सर्वे कार्य में करीब 85 लाख 92 हजार खर्च का अनुमान है. विभागीय जानकारी के मुताबिक जल्द ही सर्वे की टीम बांका पहुंच कर चिह्नित 2200 एकड़ जमीन से संबंध रखने वाले सभी गांवों का सर्वे करेगी. दरअसल, जमीन अधिग्रहण के बाद रैयती पर पड़ने वाले प्रभाव का मूल्यांकन किया जायेगा. इसके संबंधित कंपनी इनके लिए आवश्यक कदम उठायेगी. ज्ञात हो कि बांका व कटोरिया अंचल अंतर्गत दो मौजा की जमीन पावर प्रोजेक्ट के लिए चिह्नित किया गया है.
जमीन अधिग्रहण नहीं होने की सूरत में अबतक पावर प्रोजेक्ट निर्माण का सही रूप से शुरुआत नहीं हुआ है. हालांकि पावर प्रोजेक्ट में पानी लाने के लिए संबंधित मार्ग का सर्वे करीब-करीब पूर्ण होने को है. सूत्र की मानें तो गंगा से बांका पावर प्रोजेक्ट तक पाइप लाइन के जरिये पानी लाया जायेगा. इसके लिए बांका, अमरपुर व फुल्लीडुमर अंचल क्षेत्र का सर्वे जारी है.
आद्री की रिपोर्ट विशेषज्ञ दल करेंगे जांच
आद्री सर्वे रिपोर्ट की जांच के लिए एक विशेषज्ञ दल गठित की जायेगी. विशेषज्ञ दल सामाजिक प्रभाव से संबंधित सौंपी गयी रिपोर्ट का गहन जांच-पड़ताल करेगी. इसके बाद यह रिपोर्ट जिलाधिकारी को समर्पित किया जायेगा. डीएम रिपोर्ट की समीक्षा कर इसे उच्च स्तरीय विभाग को अग्रसारित करेंगे. यह प्रक्रिया एक-दो माह के अंदर शुरू होने की संभावनाएं जतायी जा रही है. ज्ञात हो कि 2022 तक पावर प्रोजेक्ट स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित है. कोयला से संचालित पावर प्रोजेक्ट से बिहार, झारखंड, कर्नाटक, मध्य प्रदेश सहित कई प्रदेशों में बिजली आपूर्ति की जायेगी. इस महत्वाकांक्षी योजना के धरातल पर उतरने से जिला की तरक्की का सपना जिलेवासी देख रहे हैं.
कोयला आपूर्ति के लिए रेलवे कॉरिडोर का सर्वे
अल्ट्रा मेगा पावर प्रोजेक्ट में कोयला आपूर्ति का मार्ग जल्द ही प्रशस्त किया जायेगा. सूत्र के मुताबिक रेलवे के माध्यम से पावर प्रोजेक्ट को कोयला आपूर्ति किया जायेगा. जानकारी के मुताबिक बिहार इंफ्रा परियोजना पदाधिकारी ने रेलवे कॉरिडोर सर्वे के लिए डीएम ने अनुमति मांगी है. अनुमति मिलते ही रेलवे-कॉरिडोर का सर्वे शुरू कर दिया जायेगा. रेलवे कॉरिडोर के लिए बांका, बौंसी, धोरैया व बाराहाट अंचल क्षेत्र का सर्वे किया जायेगा.
अल्ट्रा मेगा पावर प्रोजेक्ट के लिए सभी आगे की प्रक्रिया बढ़ायी जा रही है. इस महत्वाकांक्षी योजनाओं के लिए सभी बिंदुओं पर प्रशासन गंभीर है.
कुंदन कुमार, डीएम