कृषि विभाग यंत्र पर सामान्य वर्ग को 50 फीसदी का अनुदान
बांका : अब लहलहाती फसल पर जंगली जानवर की टेढ़ी नजर नहीं पड़ सकती है. विभाग फसल को सुरक्षित रखने के लिए ठोस व कारगर उपाय ढूंढ ली है.
जी हां, अब फसल सुरक्षा के लिए खेत में बायो कॉस्टिक यंत्र स्थापित की जायेगी. किसान को अनुदानित दर पर यंत्र सुविधा मुहैया करायी जायेगी, ताकि यंत्र के माध्यम से फसल की सुरक्षा सुनिश्चत हो सके. जानकारी के मुताबिक राज्य से बांका जिला का लक्ष्य निर्धारित कर दिया गया है. बायो कॉस्टिक यंत्र कृषि यांत्रीकीकरण योजना में भी शामिल कर लिया गया है. आगामी कृषि यांत्रकीकरण मेला में इस नये यंत्र की प्रस्तुति दमदार तरीके से करने की तैयारी है. कृषि रोडमैप के तहत आवंटित राशि ने इसके लक्ष्य व क्षेत्र काफी वृद्धि कर दी है. कृषि
यांत्रिकीकरण मेला के अलावा यह यंत्र बाजार में अधिकृत कंपनी से क्रय की जा सकती है. परंतु इससे पूर्व किसान को विभाग के साइट पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा. विभाग से स्वीकृति प्राप्त होने के बाद ही अनुदान की राशि के लिए वह योग्य माने जाएंगे. यंत्र पर सामान्य वर्ग को 50 फीसदी अनुदान का प्रवधान है. परंतु सामान्य वर्ग को अधिकतम अनुदान की राशि 15 हजार ही भुगतान की जायेगी, जबकि अनुसूचित जाति व जनजाति को 19 हजार दी जायेगी. बताया जाता है कि एक यंत्र की कीमत करीब 30 से 40 हजार है.
यंत्र की आवाज खदेड़ेगी जानवर को : सोलर पैनल व बगैर सोलर पैनल दो तरह के यंत्र होते हैं. बायो कॉस्टिक यंत्र से आवाज होती है जिसे सुनकर जानवर फसल तक नहीं पहुंच पाते हैं.
बांका जिले में नील गाय का खतरा सूअर के वनिस्पत कम है. परंतु जंगली सूअर बड़ी संख्या में फसल को नुकसान पहुंचाता है. जंगली क्षेत्र में यह यंत्र बेहद कारगर साबित होगा. एक बायो कॉस्टिक यंत्र दो से ढाई एकड़ खेत में लगी फसल को सुरक्षित रखी जा सकती है.
ज्ञात हो कि जंगली क्षेत्र में मक्का सहित अन्य फसलों की खेती भरपूर मात्रा में की जाती है. ऐसे में प्रतिवर्ष बड़े पैमाने पर जंगली जानवर फसल को नुकसान पहुंचाती है.
