बांका : नाबालिग बंध्याकरण मामले में मानवाधिकार की टीम ने की जांच
बांका : नाबालिग बंध्याकरण मामले में शुक्रवार को मानवाधिकार की टीम बांका पहुंची. टीम पीड़िता के घर मतडीहा गांव भी पहुंची. टीम के सदस्यों ने पीड़िता से आवश्यक जानकारी प्राप्त की. पीड़िता ने टीम को बताया कि एक अंग्रेजी फार्म पर हस्ताक्षर कराकर उसका बंध्याकरण ऑपरेशन कर दिया गया. होश आने पर जब इसकी जानकारी […]
बांका : नाबालिग बंध्याकरण मामले में शुक्रवार को मानवाधिकार की टीम बांका पहुंची. टीम पीड़िता के घर मतडीहा गांव भी पहुंची. टीम के सदस्यों ने पीड़िता से आवश्यक जानकारी प्राप्त की. पीड़िता ने टीम को बताया कि एक अंग्रेजी फार्म पर हस्ताक्षर कराकर उसका बंध्याकरण ऑपरेशन कर दिया गया. होश आने पर जब इसकी जानकारी हुई,
तो वह घबरा गयी. इसके साथ ही पीड़िता ने सभी पूर्व की जानकारी भी टीम को दी. टीम के सदस्यों ने बताया कि ऑपरेशन के घाव को सूखने में अभी समय लगेगा. इसके उपरांत ही आगे की जांच करायी जायेगी. साथ ही नाबालिग का बिना राजी उसका बंध्याकरण करने वाले संबंधित निजी क्लिनिक के संचालक व आरोपित पति पर न्यायसंगत कार्रवाई तय की जायेगी. मानवाधिकार टीम में गोवर्धन यादव, दिलीप कुमार व राजेश कुमार शामिल थे. पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया है कि बौंसी रेफरल प्रभारी डाॅ आरके सिंह के बौंसी दुर्गा मंदिर के पीछे स्थित निजी क्लिनिक में उसका बंध्याकरण 25 हजार रुपये घूस लेकर कर दिया था.
क्या था मामला : मतडीहा की रहने वाली पीड़िता का प्रेम अपनी ममेरी बहन के पति से ही चल गया था. प्रेम संबंध समय के साथ मजबूत होता गया. एक दिन पीड़िता रिश्ते के जीजा यानि प्रेमी बबलू यादव के साथ घर से फरार होकर शादी रचा ली.
बांका : नाबालिग बंध्याकरण…
शादी के उपरांत पति ने अपनी नयी पत्नी को अपने घर में बौंसी थाना क्षेत्र के बगबरिया साड़ामोड़ में रखने लगा. शादी के मात्र 18 दिन बाद ही पति ने पीड़िता को एक निजी क्लिनिक में भर्ती कराकर बंध्याकरण का ऑपरेशन करा दिया. होश आने के बाद जब पीड़िता को इसकी जानकारी हुई, तो वह मानसिक रूप से ग्रसित हो गयी. जबकि,
इधर पीड़िता के पिता ने अपहरण मामले को लेकर थाना में प्राथमिकी भी दर्ज करा दी थी. प्राथमिकी के बाद पुलिस ने प्रेमी-प्रेमिका के साथ प्रेमी के पिता को ऑपरेशन के दूसरे दिन ही बौंसी स्थित उसके घर से गिरफ्तार कर थाने ले आयी. थाना आने के बाद ही पीड़िता ने ऑपरेशन की जानकारी पुलिस को दी. इसके बाद यह मामला मानवाधिकार तक पहुंच गया. फिलहाल पीड़िता का प्रेमी पति व ससुर अभी जेल में बंद है.
बौंसी स्थिति एक निजी क्लिनिक में नाबालिग का कर दिया गया था बंध्याकरण
पीड़िता ने ऑपरेशन के बाद पुलिस को की थी शिकायत