आयोजन. सीएफटी परियोजना के क्रियान्वयन पर वर्कशॉप
कटोरिया : प्रखंड मुख्यालय के सभागार में गुरुवार को सीएफटी परियोजना के क्रियान्वयन को लेकर प्रखंड स्तरीय एक दिवसीय वर्कशॉप का आयोजन हुआ. वर्कशॉप में प्रखंड के सभी मुखिया, पीआरएस, पंचायत सचिव व जीविका कर्मियों ने भाग लिया. वर्कशॉप को संबोधित करते हुए प्रशिक्षक सह प्रदान के राहुल कुमार ने बताया कि जीविका और ग्रामीण विकास विभाग बिहार के अभिसरण से राज्य के दस जिलों के पच्चीस प्रखंडों में सीएफटी परियोजना संचालित की जा रही है.
यह परियोजना ग्रामीण विकास मंत्रालय भारत सरकार द्वारा वित प्रदत्त है. इस योजना का मुख्य उद्देश्य मनरेगा अंतर्गत चलाये जा रहे सभी गतिविधियों जैसे कार्य योजना बनाना, काम की मांग करना, सामाजिक अंकेक्षण करना आदि में ग्रामीण महिलाओं, अनुसूचित जाति व जनजाति एवं समुदाय के कमजोर तबकों की अधिकाधिक भागीदारी सुनिशचित करना है. इस परियोजना को जीविका द्वारा बनाये गये संकुल स्तरीय संघ के द्वारा क्रियान्वित किया जा रहा है.
कटोरिया प्रखंड में जीविका के कुल 1700 समूह हैं. जिससे करीब पच्चीस हजार परिवार जुड़े हुए हैं. सीएफटी परियोजना के तहत संकुलस्तरीय संघ उत्प्रेरण का कार्य भी करते हैं. प्रत्येक माह मनरेगा योजना पर आधारित प्रशिक्षण ग्राम संगठन या मजदूर संगठन में दिया जाना. इस प्रशिक्षण में पंचायतों के अंदर मनरेगा द्वारा चलाये जा रहे योजनाओं और उसमें जीविका सदस्य के भागीदारी पर अनिवार्य रूप से चर्चा किया जाता है. मनरेगा अंतर्गत काम करने के इच्छुक जीविका सदस्यों द्वारा काम की मांग करवाना एवं कुल आवेदित काम के मांगों में से कम से कम पचास प्रतिशत जीविका सदस्यों को काम मिले इसके लिये मनरेगा कर्मी से समन्वय भी करना है.
पीटीए व टेक्निकल एक्सपर्ट की सहायता से किये गये कार्य की मापी के पूर्ण होने के पंद्रह दिनों के अंदर मजदूरी का भुगतान करवाने में सहयोग भी किया जाता है. उन्होंने कहा कि सीएफटी परियोजना का कार्य ग्राम संगठन की सहभागिता से ऐसे योजनाओं को चिंहित करना है, जो पर्यावरण संरक्षण व रोजगार सृजन से संबंधित हो. मनरेगा की योजनाओं में गाय शेड, बकरी शेड, सूअर शेड, मुर्गी शेड, चेकडैम, कुंआ, पोखर, सड़क, वृक्षारोपण, भूमि समतलीकरण आदि योजनाओं के चयन पर भी बल दिया गया.
