ठंड से नवजात व प्रसूता की करें रक्षा

कटोरिया : मौसम में आयी अचानक बदलाव के बाद ठंड ने दस्तक दे दी है. लोग गर्म कपड़ों में नजर आने लगे हैं. सुबह-शाम ज्यादा ठंड महसूस हो रही है. लापरवाही करने पर लोगों की सेहत भी बिगड़ रही है. रेफरल अस्पताल की महिला चिकित्सक डा रश्मि सीमा कुमारी के अनुसार गर्मी से ठंड के […]

कटोरिया : मौसम में आयी अचानक बदलाव के बाद ठंड ने दस्तक दे दी है. लोग गर्म कपड़ों में नजर आने लगे हैं. सुबह-शाम ज्यादा ठंड महसूस हो रही है. लापरवाही करने पर लोगों की सेहत भी बिगड़ रही है. रेफरल अस्पताल की महिला चिकित्सक डा रश्मि सीमा कुमारी के अनुसार गर्मी से ठंड के प्रवेश के समय स्वास्थ्य की देखरेख में लापरवाही पूरे मौसम में परेशानी का सबब बन सकती है. विशेष रूप से नवजात व प्रसूति महिलाओं के लिए विशेष देखभाल की जरूरत होती है.

नहीं चलें खाली पैर : ठंड के मौसम में गर्भवती, प्रसूता, नवजात एवं छोटे बच्चों को खाली पैर नहीं रहना चाहिए. नंगे पांव से ठंड लगने की आशंका बढ़ जाती है. गर्भवती व प्रसूति महिलाओं को समूचा शरीर ढंक कर रखनी चाहिए. नवजात का सिर व पैर भी विशेष रूप से ढंकी होनी चाहिए. ठंड के मौसम में नवजात व छोटे बच्चों को घर से बाहर कम से कम ही ले जाएं.
मां का दूध सर्वोत्तम आहार : नवजात को समय-समय पर मां का दूध देनी चाहिए. मां का दूध शिशु की आहार पूर्ति करती है. ठंड में छोटे बच्चे को प्रतिदिन स्नान कराना जरूरी नहीं है. गर्म पानी में कपड़ा भिंगो कर शरीर को पोछ कर साफ-सफाई की जा सकती है. नवजात व छोटे बच्चों को सिर पर टोपी व पैर में मौजा पहनायें.
रात में चावल नहीं खाएं प्रसूता : नॉर्मल डिलीवरी में प्रसूता रात में चावल नहीं खायें. भोजन में रोटी सहित गर्म व ताजा खाना लें. ठंडा व बासी भोजन नहीं खानी चाहिए. सुपाच्य भोजन खायें. भोजन में तेल व मसाला की मात्रा भी कम रहे. गर्भवती व प्रसूति महिलाओं को मौसम में मिलने वाले फल खानी चाहिए. शाम के बाद फल खाना वर्जित है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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