फसल को कीटों से बचाव के लिए कृषि विभाग अब किसानों को कीटनाशक प्रणाली फेरोमोन उपलब्ध करायेगा. खेतों में लगाये गये फेरोमोन में कीड़े-मकोड़े खुद-ब-खुद आकर फंस जायेंगे. पहले किसान रासायनिक दवा का उपयोग करते थे, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा.
बांका : प्रतिवर्ष कीड़े-मकोड़े की वजह से कई हेक्टेयर भूमि का उत्पादन प्रभावित हो जाता है. कीड़े से निबटने के लिए किसान तरह-तरह के रासायनिक कीटनाशक दवा का इस्तेमाल करते हैं, परंतु शत प्रतिशत नियंत्रण नहीं हो पाता है. लेकिन अब ऐसा नहीं होगा. कृषि विभाग जहरीले कीड़े से निबटने के लिए फेरोमोन ट्रैप की सुविधा किसानों को मुहैया करा रही है.
जी हां, जैविक खेती प्रोत्साहन योजना के तहत समेकित कीट प्रबंधन कार्यक्रम के अंतर्गत फेरोमोन ट्रैप वितरण का भौतिक एवं वित्तीय लक्ष्य निर्धारित कर दिया गया है. फोरोमोन ट्रैप एक अत्याधुनिक कीटनाशक प्रणाली है. जो कई प्रदेशों व अन्य जिले में काफी लोकप्रिय है. जिले में इसका अपेक्षित शुरुआत अबतक नहीं हो पाया था. लेकिन विभाग वित्तीय वर्ष में मजबूत शुरुआत करने जा रही है.
फेरोमोन ट्रैप लगाने की विधि
फेरोमेन ट्रैप को खेत में फसल की ऊंचाई से लगभग दो फीट ऊपर रखते हुए एक लक़डी के डंडे में ट्रैप के हत्थे को बांध दिया जाता है. इसके ल्यूर को ट्रैप के मुख्य भाग के पास लगा दिया जाता है. इसी ल्यूर से प्रभावित होकर कीट-पतंग ट्रैप में चले आते हैं और वह इसी में फंस कर रह जाते हैं. जानकारों की मानें तो एक हेक्टेयर में 10 ट्रैप लगाये जाते हैं. प्रत्येक 15 दिन पर ल्यूर बदलना आवश्यक है.
िमलेगा 90 फीसदी अनुदान
किसानों को फेरोमोन ट्रैप का लाभ नब्बे फीसदी अनुदान पर दी जायेगी. जानकारी के मुताबिक बाजार में एक फेरोमोन ट्रैप की कीमत तकरीबन एक हजार आंकी गयी है. विभाग इसके मूल कीमत पर नब्बे फीसदी अनुदानित राशि लाभुक के खाते में डाल देगी. यानी किसान को मात्र दस फीसदी राशि खर्च करनी होगी.
फेरोमोन ट्रैप जालीनुमा झोला की तरह रहता है. यह ट्रैप प्लास्टिक का बना होता है, जिसमें कीप के आकार के मुख्य भाग पर लगे ढक्कन के बीच में मादा कीट की गंधयुक्त ल्यूर लगाया जाता है. इसी गंध से आकर्षित होकर नर पतंगे कीप के निचले हिस्से में लगे पॉलीथिन में फंस जाते हैं. फेरोमेन ट्रैप में नर कीट फंस जाते हैं और इस तरह कीटों की वंशवृद्धि भी रुक जाती है. साथ ही रासायनिक दवा से यह बिल्कुल हानिरहित है.
फेरोमोन ट्रैप पर िमलेगा 90 फीसदी अनुदान
नर कीट पर नियंत्रण करने के लिए फेरोमोन ट्रैप का लाभ 90 फीसदी अनुदान पर किसानों को दिया जायेगा. किसान लाभ लेने के लिए किसान सलाहकार से संपर्क कर सकते हैं. साथ ही प्रखंड स्तर पर भी आवेदन लेने की व्यवस्था की गयी है. यह ट्रैप मुख्य रूप से दलहनी, बैगन व मक्का इत्यादि फसलों पर कारगर साबित होता है. किसान इसका प्रबंधन मजबूती से करें. साथ ही खेती के कुछ दिन बाद ही ट्रैप को लगाना सुनिश्चित करें.
रविंद्र कुमार, निदेशक, पौधा संरक्षण, बांका
