ढाकामोड़ से बांका जाना हो, तो हो जाइए मजबूत, हिल जायेंगी हड्डियां

समस्या लाइलाज. नहीं सुधरी शहर से जुड़ने वाली मुख्य सड़क की स्थिति बांका-ढाकामोड़ सड़क में टेंडर की वजह से साधारण मरम्मत भी दूभर बांका-ढाकामोड़ सड़क यातायात के लिए साबित हो रहा अभिशाप बांका : जिला मुख्यालय का शहरी क्षेत्र मुख्य रूप से एनएच 333 ए पर ही बसा हुआ है. पीबीएस कॉलेज से गांधी चौक […]

समस्या लाइलाज. नहीं सुधरी शहर से जुड़ने वाली मुख्य सड़क की स्थिति

बांका-ढाकामोड़ सड़क में टेंडर की वजह से साधारण मरम्मत भी दूभर
बांका-ढाकामोड़ सड़क यातायात के लिए साबित हो रहा अभिशाप
बांका : जिला मुख्यालय का शहरी क्षेत्र मुख्य रूप से एनएच 333 ए पर ही बसा हुआ है. पीबीएस कॉलेज से गांधी चौक व शिवाजी चौक मुख्यमार्ग एनएच 333 ए में ही शामिल कर लिया गया है. यह सड़क अबतक ठीक नजर आ रही है. परंतु शहर को जोड़ने वाली एनएच सहित अन्य प्रमुख मार्गों की हालत पंचर हो गयी है. नतीजतन, आम से खास लोग सभी जर्जर सड़कों से बेचैन हैं. राहगीरों को सबसे अधिक परेशानी बांका-ढाकामोड़ मार्ग पर उठानी पड़ रही है. इस मार्ग की दस किलोमीटर की दूरी तय कर पाना किसी लंबी लड़ाई से कम नहीं है. जानकारी के मुताबिक बांका-ढाकामोड़ की सड़क में अनगिनत छोटे-बड़े गड्ढे बन गये हैं.
जो समय के साथ और घातक साबित हो रहे हैं. सड़क में मौजूद गड्ढे को भरने के लिए साधारण मरम्मत का निर्णय लिया गया है. परंतु कई महीने से इसका टेंडर भी पूरा नहीं हो पाया है. जिसकी वजह से गड्ढे की भरपाई नहीं हो पायी है. ज्ञात हो कि दो वर्ष पूर्व ही यह सड़क एनएच 333 ए का हिस्सा बन चुका है. परंतु हालत देखने से यह किसी ग्रामीण सड़क से भी बदतर नजर आती है. संबंधित कार्यपालक अभियंता की मानें तो पेचअप कार्य के लिए टेंडर की प्रक्रिया शीघ्र पूरी की जायेगी. इसी महीने करीब 40 लाख की लागत से साधारण मरम्मत का कार्य पूरा किया जायेगा.
बांका-संथाल परगना सड़क अलीगंज के पास ही तोड़ रही दम : 2016 में निर्मित बांका-संथाल परगना का सड़क शहर समीप अलीगंज के पास ही दम तोड़ती नजर आ रही है. करीब सौ मीटर तक सड़क की स्थिति बेहद कमजोर हो गयी है. हालांकि इसके बाद की स्थिति चलने लायक है. जानकारी के मुताबिक सड़क की देखभाल नहीं होने व ओवरलोड वाहन चलने की वजह से सड़क पूरी तरह बेकार हो गयी है. हालांकि अभी यह सड़क अभिरक्षा अवधि में है. विभागीय जानकारी के अनुसार इस मार्ग के सात किलोमीटर सड़क निर्माण में 15 करोड़ राशि खर्च की है.
कटोरिया एनएच 333 ए का 14.34 करोड़ में मरम्मत की स्वीकृति लंबित
एनएच 333ए की हालत न केवल शहर के आसपास खराब है, बल्कि कटोरिया से ढाकामोड़ व आगे पंजवारा तक इसकी हालत पस्त है. एनएच में शामिल करने के बावजूद उस प्रकार की बड़ी राशि अबतक विभाग के खजाने में आवंटित नहीं हो पायी है. जिससे सड़क की समुचित देखभाल की जा सके. जानकारी के मुताबिक इसकी मरम्मत के लिए 14.34 करोड़ का डीपीआर तैयार कर केंद्रीय बोर्ड को भेजा गया है. परंतु कई महीने से इस प्रस्ताव पर स्वीकृति की मुहर लंबित है. नतीजतन सड़क की हालत समय के साथ और भी जर्जर होती चली जा रही है. विभागीय जानकारी के मुताबिक एनएच 333 ए में शामिल सड़क की मरम्मत प्रत्येक वर्ष के हिसाब की जायेगी. एक वर्ष के लिए 14.34 करोड़ का प्रस्ताव भेजा गया है. स्वीकृति मिलते ही कार्य शुरू कर दिये जायेंगे. तबतक पेचअप कार्य किया जायेगा.

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