नवनीत बजाज
बांका : सरकार के द्वारा सभी सरकारी विद्यालयों में छात्र-छात्राओं की शत प्रतिशत उपस्थिति व कुपोषण को दूर करने के लिए करीब डेढ़ दशक पूर्व एमडीएम की एक महत्वाकांक्षी योजना शुरू की गयी थी. लेकिन शुरुआत के दिनों से लेकर आज तक जिले के कई ऐसे विद्यालय है जहां अब तक इस योजना का लाभ नही पहुंच पाया है. जिससे दर्जनों स्कूल के बच्चें इस योजना से वंचित है.
विभागीय जानकारी के अनुसार जिले के सभी 11 प्रखंडों के करीब 109 विद्यालय में एमडीएम आज तक शुरू भी नही हो पायी है. जिससे इन विद्यालयों के हजारों बच्चे को इस योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है. साथ ही विद्यालय में बच्चों की उपस्थिति अन्य विद्यालय की अपेक्षा में बहुत ही कम है. योजना की शुरुआत नहीं होने से करीब 25-30 हजार बच्चों को दोपहर का भोजन नसीब नहीं हो पा रहा है. इन विद्यालयों के प्रबंधन समिति के द्वारा कई बार स्कूल में योजना को चालू कराने की मांग की गयी. बावजूद अब तक इस दिशा में कोई ठोस पहल नहीं हुई है. वहीं इस संबंध में विभाग का कहना है कि भवनहीन विद्यालय होने की वजह से एमडीएम चालू नही कराया जा सका है. विद्यालय के भवन निर्माण हो जाने के बाद शीघ्र ही योजना चालू करा दी जायेगी.
जिले के इन विद्यालय को नहीं मिल रहा है एमडीएम . विभागीय जानकारी के अनुसार जिले के 109 वैसे प्राथमिक व मध्य विद्यालय है.
जो भवनविहीन है. भवनविहीन होने के कारण इन विद्यालयों के बच्चे आज तक एमडीएम को जानते तक नही है. साथ ही ऐसे विद्यालयों में दोपहर का भोजन नही मिलने के कारण छात्रों की उपस्थिति अन्य विद्यालय के उपेक्षा में कम देखी जा रही है. एमडीएम बंद पड़े स्कूलों में प्रखंडवार अमरपुर के 5, बांका 13, बाराहाट 10, बौंसी 9, रजौन 11, बेलहर 12, धोरैया 13, फुल्लीडुमर 4, कटोरिया 14, शंभुगंज 7 व चांदन प्रखंड के 10 विद्यालय शामिल है.
कितने स्कूल में है एमडीएम चालू . जिले भर के 1959 प्राथमिक व मध्य विद्यालयों में एमडीएम योजना संचालित है. जिनमें बांका शहरी क्षेत्र के 33 व अमरपुर के 27 विद्यालयों के छात्र-छात्राओं को इस योजना का लाभ दिया जा रहा है. शहरी क्षेत्र के विद्यालयों में पका पकाया भोजन एनजीओ पूर्वांचल समाज सेवा संघ के माध्यम से दिया जाता है. इसके अलावा जिले भर के शेष बचे विद्यालयों में विद्यालय प्रधान की निगरानी में योजना संचालित हो रही है. जहां के बच्चे को इस योजना का लाभ मिल रहा है.
कहते हैं अधिकारी
जिले के जिन-जिन प्रखंडों में अब तक एमडीएम योजना की शुरूआत नही हो पायी है वो भवनहीन है. विद्यालय का भवन निर्माण हो जाने के बाद या नजदीक के विद्यालय में संबंधित विद्यालय को शिफ्ट कर अविलंब चालू करा दी जायेगी. भवनहीन विद्यालय को शिफ्ट कराने की प्रक्रिया जारी है.
मो. इमत्याज आलम, डीपीओ एमडीएम, बांका
