उदासीनता . चौक-चौराहों की हाइमास्ट लाइटें हुईं खराब
शहर के आजाद चौक, गांधी चौक, शास्त्री चौक, विजयनगर चौक सहित करीब आधा दर्जन स्थानों पर हाइमास्ट लाइटें लगायी गयी हैं. कमोबेश सब लाइटें अभी खराब हैं. इससे प्रमुख चौक-चौराहें अंधेरे में हैं. इससे खास कर महिलाओं को भारी परेशानी होती है, लेकिन अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं.
बांका : नगर परिषद बांका के शहरी क्षेत्र में लगायी गयी हाइमास्ट लाइटें पूरी तरह डीम पड़ गयी हैं. अधिकतर स्थानों पर हाइमास्ट लाइटें रोशनी देने में कमजोर साबित हो रही हैं.
नतीजतन, रात में शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर अंधेरा कायम हो जाता है. इसकी वजह से बाजारवासी काफी परेशानी में हैं. लंबे दिनों से खराब पड़े हाइमास्ट लाइट की मरम्मत नहीं हुई है. साथ ही इस दिशा में विभागीय पहल भी सुस्त पड़ गयी है. अक्सर अंधेरापन होने पर कई-कई समस्याओं से आए दिन लोगों को एक-दो होना पड़ रहा है.
जानकारी के मुताबिक शहर के गांधी चौक में स्थापित हाइमास्ट लाइट की सारी बल्ब नहीं जलती हैं. इसी तरह आजाद चौक का लाइट भी करीब दो महीने से खराब पड़ी है. नयाटोला मोड़ पर स्थापित हाइमास्ट की एक बत्ती बंद पड़ी है. ज्ञात हो कि शहर के आजाद चौक, गांधी चौक, शास्त्री चौक, विजयनगर चौक सहित करीब आधा दर्जन स्थानों पर हाइमास्ट लाइटें लगायी गयी हैं. कमोबेश सबकी स्थिति अभी खराब है. व्यवसायी रितेश चौधरी, मोहन सिंह सहित अन्य ने अविलंब लाइट की समुचित मरम्मत कर इसकी सेवा नियमित करने की मांग की है.
शहरी क्षेत्र को जगमग रखने के उद्देश्य से 2012 के दिसंबर माह में तत्कालीन सांसद पुतुल कुमारी ने करीब 27 लाख की लागत से शहर के करीब आधा दर्जन स्थानों पर हाइमास्ट लाइट की व्यवस्था दी थी. निर्माण के बाद लंबे दिनों तक शहर दूधिया रोशनी में नहाता भी रहा. लेकिन, समय के साथ देखभाल की कमी की वजह से लाइट में गिरावट होती रही. स्थानीय जनप्रतिनिधि भी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं. जानकारी के मुताबिक हाइ मास्ट लाइट का कार्य भाव्या इंटर प्राइजेज ने किया था. एक हाइ मास्ट लाइट में तकरीबन चार लाख 42 हजार 559 रुपये खर्च हुए थे.
खराब पड़ी सभी हाइमास्ट लाइट की अविलंब रिपेयरिंग करायी जायेगी. शहरी क्षेत्र में लाइट संबंधित परेशानी न हो इसके लिए प्रशासन कटिबद्ध है. जल्द तकनीकी कर्मी को भेज लाइट की पूर्ण मरम्मत करायी जायेगी.
बीके तरुण, कार्यपालक पदाधिकारी, बांका
