Ayodhya Janakpur Train: अयोध्या से जनकपुर की दूरी अब सिर्फ धार्मिक आस्था की नहीं, रेल कनेक्टिविटी की भी होने जा रही है. रामायण सर्किट के तहत दोनों प्रमुख तीर्थस्थलों को जोड़ने वाली साप्ताहिक ट्रेन की तैयारी तेज हो गई है. सब कुछ तय योजना के मुताबिक रहा तो विवाह पंचमी से पहले इस ट्रेन को हरी झंडी मिल सकती है.
वरिष्ठ अधिकारियों ने की बैठक
जानकारी के मुताबिक, इस सिलसिले में जयनगर रेलवे स्टेशन पर भारत और नेपाल के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक हुई थी. रेलवे, प्रशासन, सुरक्षा और कस्टम विभाग ने ट्रेन के परिचालन, यात्रियों की सुरक्षा और सीमा पार की व्यवस्थाओं पर विचार-विमर्श किया.
दोनों देशों की टीम ने किया निरीक्षण
बैठक के बाद दोनों देशों की टीम ने जयनगर से जनकपुर-कुर्था रेलखंड का भौतिक निरीक्षण भी किया. सिग्नल सिस्टम, रेल लाइन, रेलवे फाटक, स्टेशनों और सुरक्षा व्यवस्था को बारीकी से परखा गया. निरीक्षण की रिपोर्ट संबंधित मंत्रालय को भेजी जाएगी.
किस रूट से गुजरेगी ट्रेन?
- अयोध्या धाम
- गोरखपुर
- नरकटियागंज जंक्शन
- रक्सौल
- सीतामढ़ी जंक्शन
- दरभंगा
- जयनगर
- जनकपुर
इस तरह से श्रद्धालु अयोध्या से निकलकर बिहार के कई प्रमुख शहरों से होते हुए सीधे जनकपुर, माता सीता की जन्मभूमि, तक पहुंच सकेंगे.
सफर में आराम का भी ध्यान
प्रस्तावित ट्रेन में एसी और स्लीपर श्रेणी के कोच रखने की योजना है. लंबी दूरी के सफर को आरामदायक बनाने के साथ सीमा पर सुरक्षा और कस्टम की प्रक्रिया को भी व्यवस्थित किया जाएगा. भारत-नेपाल के बीच औपचारिक समझौते की प्रक्रिया भी तेज की जा रही है. अगर अंतिम मंजूरी समय पर मिलती है, तो विवाह पंचमी से पहले रामायण सर्किट पर श्रद्धालुओं को सीधी ट्रेन का बड़ा तोहफा मिल सकता है.
बिहार के लोगों को फायदा
अयोध्या और जनकपुर के बीच अगर ट्रेन चलाई जाती है तो बिहार के लोगों को भी फायदा हो सकेगा. बिहार के कई स्टेशनों पर इस ट्रेन का स्टॉपेज होगा. इसकी वजह से बिहार के लोगों के लिए दोनों धार्मिक जगहों पर जाकर दर्शन करना आसान हो सकेगा. इसके साथ ही बिहार के सीमावर्ती इलाकों में धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिल सकेगा.
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