आर्म्स एक्ट में दोषी को तीन साल सश्रम कारावास की सजा

जुर्माना नहीं देने पर तीन माह अतिरिक्त कारावास होगी

औरंगाबाद शहर.

औरंगाबाद व्यवहार न्यायालय में मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी ने मदनपुर थाना कांड संख्या -490/23, टीआर-2285/25 में निर्णय पर सुनवाई करते हुए एक मात्र काराधीन अभियुक्त ओबरा के घोड़तारा निवासी पंकज कुमार सिंह को सजा सुनायी है. न्यायालय ने ओबरा की भादंवि की धारा -379 में तीन साल सश्रम कारावास और 2500 रुपये जुर्माना और धारा-411 में तीन साल सश्रम कारावास तथा 2500 रुपये जुर्माना लगाया है. आर्म्स एक्ट की धारा 25(1-बी) ए में दो वर्ष छह महीने साधारण कारावास और 2500 रुपये जुर्माना और धारा 26 में दो वर्ष छह महीने साधारण कारावास की सजा तथा 2500 रुपये जुर्माने की सजा सुनायी है. जुर्माना नहीं देने पर तीन माह अतिरिक्त कारावास होगी. सभी सजाएं साथ-साथ चलेगी. जिला अभियोजन पदाधिकारी दीपक कुमार सिन्हा ने बताया कि अभियोजन की ओर से सात गवाही हुई थी. जब्त एक लोहे का लोडेड देशी कट्टा और 46.24 ग्राम जेवरात की जब्ती सूची बनी थी. अभियुक्त का कोई अधिवक्ता नहीं होने पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा कानूनी सहायता रक्षा परामर्शदाता अधिवक्ता रंधीर कुमार ने बचाव पक्ष से अपना पक्ष रखा और पहला अपराध होने के कारण कम सजा की मांग की. अधिवक्ता सतीश कुमार स्नेही ने बताया कि वाद सूचक एएसआइ दिलीप कुमार सिंह पांच नवंबर 2023 को गश्ति करते हुए मनिका गांव पहुंचे तो गुप्त सूचना मिली कि परसावा मोड़ स्कूल के पास कुछ लोगों ने एक चोर को पकड़ कर रखा है. जब घटना स्थल पहुंचे तो पाया कि अभियुक्त एक साइकिल चोरी करते पकड़ा गया है. जब अभियुक्त की तलाशी ली गयी, तो कमर से लोहे का लोडेड कट्टा और जेवरात बरामद किया गया.

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By SUDHIR KUMAR SINGH

SUDHIR KUMAR SINGH is a contributor at Prabhat Khabar.

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