औरंगाबाद शहर स्थित कुंडा हाउस के प्रांगण में रविवार को एक परिचर्चा का आयोजन किया गया, जिसमें यूजीसी इक्विटी लॉ, एससी-एसटी आरक्षण तथा दलित उत्पीड़न निरोध अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों और कथित विसंगतियों पर विस्तृत चर्चा की गई. कार्यक्रम में वक्ताओं ने अपने विचार रखते हुए कानूनों के सामाजिक प्रभावों पर भी चर्चा की.
कानूनों की समीक्षा की मांग
वक्ताओं ने केंद्र सरकार से संबंधित अधिनियमों और प्रावधानों की समीक्षा करने की मांग की. उनका आरोप था कि कुछ प्रावधान समाज में असंतोष और सामाजिक विभाजन को बढ़ावा दे रहे हैं तथा इनमें संशोधन की आवश्यकता है. वक्ताओं ने इन प्रावधानों को वापस लेने अथवा उनकी पुनर्समीक्षा करने की मांग की.
परिचर्चा में शामिल लोग
परिचर्चा में रामकेवल सिंह, अंकित पांडेय, अनिल सिंह, रुद्र सिंह, विजय सिंह, राजेंद्र सिंह मलिक, सुनील सिंह एवं प्रमोद सिंह समेत अन्य लोग शामिल हुए. कार्यक्रम का संचालन अनिल कुमार सिंह ने किया.
आंदोलन की घोषणा
बैठक में निर्णय लिया गया कि सवर्ण संघर्ष समिति अपने आंदोलन को अहिंसात्मक तरीके से पुनः शुरू करेगी. समिति की ओर से आगामी दो अक्टूबर, गांधी जयंती से आंदोलन को फिर गति देने की घोषणा की गई. वक्ताओं ने कहा कि आंदोलन शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से चलाया जाएगा.
भविष्य की रूपरेखा
इस दौरान वक्ताओं ने आगामी आंदोलन की तैयारियों और शांतिपूर्ण प्रदर्शन की रणनीति पर विचार-विमर्श किया, ताकि सरकार तक अपनी बातों को प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा सके.
