Aurangabad News: (ओम प्रकाश) औरंगाबाद जिले के दाउदनगर प्रखंड अंतर्गत तरारी पंचायत सरकार भवन परिसर में मंगलवार को आयोजित सहयोग शिविर में ग्रामीणों की समस्याओं के त्वरित समाधान को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों ने सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई. शिविर का उद्घाटन जिले के प्रभारी सचिव मनोज कुमार ने फीता काटकर एवं दीप प्रज्वलित कर किया.
इस अवसर पर एसडीओ अमित राजन, एसडीपीओ अशोक कुमार दास, सीओ शैलेंद्र कुमार यादव, बीडीओ मो. जफर इमाम, प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी रिषु राज, तरारी पंचायत की मुखिया अंजूम आरा, प्रखंड 20 सूत्री अध्यक्ष दीपक पटेल, प्रखंड प्रमुख विपुल कुमार तथा नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी ऋषिकेश अवस्थी समेत कई अधिकारी मौजूद रहे.
स्वागत गान से हुई कार्यक्रम की शुरुआत
कार्यक्रम की शुरुआत स्कूली छात्र-छात्राओं के स्वागत गान से हुई। इसके बाद प्रभारी सचिव मनोज कुमार ने शिविर का निरीक्षण कर विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए काउंटरों की जानकारी ली.
“गांव में ही मिलेगा समस्याओं का समाधान”
शिविर को संबोधित करते हुए प्रभारी सचिव मनोज कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का स्पष्ट निर्देश है कि आम लोगों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। सरकार की मंशा है कि लोगों को छोटे-छोटे कार्यों के लिए सरकारी कार्यालयों का चक्कर नहीं लगाना पड़े और उनकी समस्याओं का समाधान गांव एवं पंचायत स्तर पर ही सुनिश्चित हो.
उन्होंने कहा कि प्रशासनिक व्यवस्था को पूरी तरह जवाबदेह और पारदर्शी बनाने की दिशा में सरकार लगातार काम कर रही है.
ऑनलाइन आवेदन पर होगी सख्त मॉनिटरिंग
प्रभारी सचिव ने ग्रामीणों से अपील करते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की समस्या होने पर लोग ऑनलाइन आवेदन करें। यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर आवेदन पर कार्रवाई नहीं होती है तो संबंधित विभाग एवं पदाधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
उन्होंने स्पष्ट कहा कि पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन मोड में इसलिए रखा गया है ताकि हर आवेदन की मॉनिटरिंग हो सके और यह पता चल सके कि किस स्तर पर क्या कार्रवाई हुई.
मनोज कुमार ने कहा कि सरकार द्वारा तय समय सीमा के भीतर योजनाओं एवं आवेदनों का निष्पादन करना सभी अधिकारियों की जिम्मेदारी है। यदि कोई पदाधिकारी किसी फाइल को अनावश्यक रूप से लंबित रखता है तो उसके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी.
उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी पात्र व्यक्ति के आवेदन का 30 दिनों के भीतर निष्पादन नहीं होता है तो संबंधित पदाधिकारी को निलंबित करने तक का प्रावधान किया गया है। इसकी निगरानी सीधे सचिवालय स्तर से की जा रही है.
आधे से अधिक आवेदनों का हुआ निष्पादन
सहयोग शिविर में बनाए गए विभिन्न काउंटरों पर ग्रामीणों से उनकी समस्याओं से संबंधित आवेदन प्राप्त किए गए. अधिकारियों ने बताया कि त्वरित निष्पादन योग्य आवेदनों का मौके पर ही समाधान किया जा रहा है, जबकि शेष आवेदनों का निर्धारित समय सीमा के भीतर निष्पादन किया जाएगा.
प्रशासन की ओर से बताया गया कि पूर्व में प्राप्त 140 आवेदनों में से आधे से अधिक मामलों का निष्पादन किया जा चुका है.
