Aurangabad Accident: (दाउदनगर से ओम प्रकाश) काराकाट सांसद राजाराम सिंह ने एक बार फिर औरंगाबाद-पटना मुख्य पथ एनएच-139 को फोरलेन बनाने की पुरजोर मांग उठाई है. उन्होंने कहा कि यह सड़क अब ‘मौत का कुआं’ बन चुकी है. जहां भारी वाहनों के दबाव और लगातार हो रही दुर्घटनाओं ने आम लोगों की आवाजाही को बेहद खतरनाक बना दिया है.
बदहाल स्थिति को लेकर लिखित ज्ञापन सौंपा
सांसद ने बताया कि बिहार विधानसभा चुनाव के बाद उन्होंने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात कर इस सड़क की बदहाल स्थिति को लेकर लिखित ज्ञापन सौंपा. उन्होंने कहा कि बालू लदे भारी वाहनों के कारण इस मार्ग पर सफर करना जोखिम भरा हो गया है.
इंडिया गठबंधन पर कसा तंज
राजाराम सिंह ने चुटीले अंदाज में कहा कि पहले इस क्षेत्र के अधिकांश सांसद इंडिया गठबंधन से थे, जिस कारण योजना आगे नहीं बढ़ सकी, लेकिन अब सात-आठ सीटों में से पांच सीटें एनडीए के पास हैं, इसलिए अब इस सड़क को फोरलेन बनाने का कार्य होना चाहिए. सांसद के अनुसार केंद्रीय मंत्री ने इस मांग पर सकारात्मक संकेत दिए हैं, जिससे फोरलेन निर्माण की उम्मीद जगी है.
बिहार-झारखंड को जोड़ता है एनएच-139
गौरतलब है कि एनएच-139 झारखंड और बिहार को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मार्ग है, जो औरंगाबाद, दाउदनगर, ओबरा और अरवल क्षेत्र से होकर गुजरता है. इस मार्ग पर व्यावसायिक वाहनों का अत्यधिक दबाव रहता है. ट्रैफिक सर्वे के अनुसार, महज सात मीटर चौड़ी इस सड़क पर प्रतिदिन करीब 18,077 पीसीयू ट्रैफिक दर्ज किया गया है, जिससे जाम और दुर्घटनाओं की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है.
फोनलेन में तब्दील करने की मांग
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर आए दिन हादसों में जानें जा रही हैं. हालांकि औरंगाबाद और दाउदनगर बाइपास की योजनाएं भी चल रही हैं, लेकिन लोगों की मांग है कि एनएच-139 को सभी मानकों के अनुसार जल्द से जल्द फोरलेन में तब्दील किया जाए.
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