Aurangabad News (ओम प्रकाश): शहर में फुटपाथी दुकानदारों के बीच हुई मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद शहर में अतिक्रमण, सुरक्षा और बाहरी दुकानदारों की वैधता को लेकर बहस तेज हो गई है. शनिवार को नहर पुल के पास पथ निर्माण विभाग कार्यालय के पास हुई इस घटना में कुछ दुकानदार लाठी-डंडों से एक-दूसरे पर हमला करते दिखाई दिए. घटना का वीडियो सामने आते ही स्थानीय लोगों ने प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं.
फुटपाथ पर तेजी से दुकानें लगाने वाले लोग कौन
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दुकानदारों के बीच किसी आपसी विवाद को लेकर शुरू हुआ झगड़ा देखते ही देखते हिंसक हो गया. मौके पर मौजूद राहगीर तमाशबीन बने रहे. वीडियो वायरल होने के बाद लोगों के बीच यह चर्चा शुरू हो गई कि आखिर फुटपाथ पर तेजी से दुकानें लगाने वाले लोग कौन हैं और क्या प्रशासन के पास उनका कोई रिकॉर्ड है.
बाहरी दुकानदारों की संख्या में बढ़ोतरी
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि पिछले कुछ सालों में दाउदनगर में बाहरी फुटपाथी दुकानदारों की संख्या तेजी से बढ़ी है. नहर पुल, पथ निर्माण विभाग कार्यालय, मौलाबाग रोड और बालिका इंटर स्कूल के आसपास बड़ी संख्या में अस्थायी दुकानें और गुमटियां लग गई हैं. आरोप है कि इन दुकानों के कारण सड़कें संकरी हो रही हैं और आवागमन प्रभावित हो रहा है.
पुलिस से जांच और कार्रवाई की मांग
भाजपा नगर अध्यक्ष और प्रखंड 20 सूत्री उपाध्यक्ष श्याम कुमार पाठक ने प्रशासन से मामले की गंभीर जांच कराने की मांग की है. उन्होंने सीओ, नगर पर्षद के कार्यपालक पदाधिकारी और एसएचओ से संयुक्त कार्रवाई की अपील करते हुए कहा कि बालिका इंटर स्कूल से बड़ी नहर पुल और भखरुआं मोड़ तक फुटपाथ पर दुकान लगाने वाले सभी लोगों की जांच होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि यह पता लगाना जरूरी है कि दुकानें वैध हैं या अवैध और दुकानदार स्थानीय हैं या बाहरी. अब लोगों की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी है.
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