एक्सरे के लिए 15 किमी दूर जम्होर जाते हैं मरीज
औरंगाबाद नगर : सदर अस्पताल को मॉडल अस्पताल का दर्जा प्राप्त हुए दो वर्ष हो गये, लेकिन अब तक इस अस्पताल की चिकित्सकीय व्यवस्था में कोई सुधार नहीं हुआ. बल्कि, कागज पर ही मॉडल अस्पताल बन कर रह गया. कारण यह है कि इस अस्पताल में हर रोज 800 से 900 मरीज जिले के विभिन्न क्षेत्रों से इलाज कराने के लिए पहुंचते हैं. मरीजों को सही तरह से इलाज करने से लेकर ऑपरेशन करने तक के लिए 20 चिकित्सकों की जरूरत है. लेकिन, इस अस्पताल में मात्र पांच चिकित्सक कार्यरत हैं. इनमें दो चिकित्सक छुट्टी पर हैं. तीन चिकित्सकों के भरोसे अस्पताल में पहुंचनेवाले मरीजों का इलाज किया जा रहा है. अभी यहां दर्द, बुखार, सर्दी जैसी बीमारियों का ही इलाज हो पाता है.
यदि किसी का हाथ-पैर टूट जाये या फिर किसी घटना दुर्घटना में जख्मी होने के बाद लोग पहुंचते हैं, तो उन्हें प्रारंभिक इलाज करने के बाद तुरंत रेफर का पुरजा थमा दिया जाता है. ताकि, यहां पर हंगामा की स्थिति उत्पन्न न हो. दरअसल इस अस्पताल में पिछले एक वर्षों से अल्ट्रासाउंड व एक्सरे की सुविधा बकाये पैसे की भुगतान नहीं किये जाने को लेकर बंद है. इस परिस्थिति में पुलिस केस से संबंधित जिन लोगों को एक्सरे कराने की जरूरत पड़ती है, उन्हें जिला मुख्यालय से 15 किलोमीटर दूर जम्होर पीएचसी में ले जाया जाता है. बावजूद विभाग के पदाधिकारी व स्थानीय जनप्रतिनिधि का इस पर कोई ध्यान नहीं है. यह कहना कोई गलत नहीं होगा कि सदर अस्पताल के प्रति किसी का रुचि नहीं है.
