औरंगाबाद सदर : बैंकों की व्यवस्था कभी-कभी उपभोक्ताओं पर भारी पड़ जाती है. बैंककर्मियों की कमी और सरकारी लापरवाही के बीच भीषण गरमी से उपभोक्ता तो परेशान हो ही रहे हैं. छात्र- छात्राओं को भी परेशानी से गुजरना पड़ रहा है. गुरुवार को सिन्हा कॉलेज के सेंट्रल बैंक में एमए फाइनल इयर का फाॅर्म भरने के पूर्व चालान बनाने पहुंची एक छात्रा बैंक की भीड़ में फंस कर बेहोश हो गयी. अचानक से छात्रा के जमीन पर गिरते ही बैंक में खलबली मच गयी.
बैंक ड्राफ्ट बनाने पहुंचे छात्र-छात्राओं की नजर जब बेहोश छात्रा पर पड़ी, तो उनमें से कुछ छात्र-छात्राओं ने लड़की को उठा कर बैंक से बाहर लाया. उसके बाद कॉलेज के कैंटिन में लड़की को कुर्सी पर बैठा कर बहुत देर तक होश में लाने का प्रयास किया गया. पंखा झलने और पानी डालने के बाद लड़की होश में आयी.
होश में आने के बाद लड़की ने अपना नाम अमृता प्रीतम बताया और कहा कि वे दो दिन से बैंक ड्राफ्ट बनाने के लिए बैंक का चक्कर लगा रही थी, लेकिन बैंक में भीड़ काफी रहने के कारण वे अपना चालान नहीं जमा कर पा रही थी. बता दें कि लड़की को बेहोश होने के बाद कॉलेज के छात्रों में बैंक की व्यवस्था के प्रति काफी नाराजगी है. छात्रों ने कहा कि अगर इस व्यवस्था को नहीं सुधार गया, तो छात्र-छात्राओं का गुस्सा कभी भी फूट सकता है.
