दाउदनगर अनुमंडल : प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत मंगलवार को दाउदनगर पीएचसी में विशेष शिविर लगा कर इस प्रखंड के 304 गर्भवती महिलाओं की जांच करते हुए उन्हें आवश्यक सलाह दिया गया. डीपीएम डॉ कुमार मनोज ने भी पहुंच कर शिविर का निरीक्षण किया. महिला चिकित्सक डाॅ नम्रता प्रिया व चिकित्सक डाॅ आरएन ओझा ने गर्भवती महिलाओं की जांच की.
पीएचसी द्वारा महिलाओं को आयरन फोलिक एसिड और कैल्सियम के टैबलेट दिये गये. सुरक्षित मातृत्व के लिए पुस्तिका का वितरण किया गया. हीमोग्लोबिन, एचआइवी समेत चार प्रकार की नि:शुल्क जांच की गयी. स्वास्थ्य प्रबंधक विकास शंकर ने कहा कि गर्भवती महिलाओं का प्रसव पूर्व चार जांच होना आवश्यक है. पहली जांच तीन महीने के भीतर, दूसरी जांच चौथे से छठे महीने में, तीसरी जांच सातवें से आंठवे महीने में व चौथी जांच गर्भावस्था के नौवें महीने में कराना चाहिए. कम से कम एक जांच चिकित्सक द्वारा होना अनिवार्य है.
इस अभियान के तहत प्रत्येक महीने की नौ तारीख को पीएचसी में गर्भवती महिलाओं की जांच की जा रही है. बीसीएम शशिकांत कुमार ने कहा कि नियमित रूप से प्रसव पूर्व जांच कराना गर्भवती माता और बच्चे को जटिलताओं से बचाता है.
जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ रहते हैं. सभी एएनएम व आशा स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को सख्त हिदायत दी गयी है कि गर्भवती महिलाओं को जांच शिविर में आने के लिए प्रेरित करें. एएनएम हीरामणी कुमारी हर्ष, वीणा कुमारी व निर्मला कुमारी ने जांच में सहयोग किया.
200 गर्भवती महिलाओं ने करायी जांच : बारुण. प्रखंड मुख्यालय स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मंगलवार को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान का आयोजन किया गया. इसकी तैयारी को लेकर पूरे अस्पताल परिसर को फूल व गुब्बारे से सजाया गया था.
स्वास्थ्य प्रबंधक विकास रंजन ने बताया कि प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत प्रत्येक महीने के नौ तारीख को गर्भवती महिलाओं का डॉक्टरों द्वारा विशेष जांच शिविर का आयोजन किया जायेगा. साथ ही, जोखिमवाली स्थिति की आशंका पर उससे बचने के लिए समयानुसार अस्पताल पहुंचाने पर बात होगी. ये अभियान विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं के लिए है. विशेष जांच के क्रम में डॉक्टर धर्मेंद्र कुमार व डॉक्टर तरन्नुम परवीन ने लगभग 200 गर्भवती महिलाओं की जांच की. डॉक्टर धर्मेंद्र ने बताया कि जांच के क्रम में तेज बुखार, त्वचा का पीलापन, हाथ-पैर या चेहरे पर सूजन, दौरे पड़ना, उच्च रक्तचाप, तेज सिर दर्द, धुंधला दिखना व अन्य खतरे के लक्षणों की जांच की गयी. साथ ही, सभी को खून की जांच, यूरिन जांच, रक्तचाप, हीमोग्लोबिन जैसे जांच करवाने के लिए सलाह दी गयी. जांच शिविर चिकित्सा प्रभारी डाॅ विजय कुमार अखौरी की देखरेख में मंगलवार को संपन्न हुआ.
