पांच लाख मुआवजा देने के आश्वासन पर शांत हुआ मामला
औरंगाबाद शहर : औरंगाबाद जिले के नवीनगर और मदनपुर में घटी दो अलग-अलग दुर्घटनाओं में दो की मौत हो गयी.
मदनपुर की घटना में मौत के बाद गांववालों ने जम कर हंगामा भी किया. मदनपुर थाना क्षेत्र के पहड़चापी गांव में सोमवार की रात हाइवा से कुचल कर कंस्ट्रक्शन कंपनी के सुपरवाइजर व पतेया गांव के संतोष कुमार सिंह की मौत हो गयी. घटना के बाद परिजनों व स्थानीय लोगों ने हंगामा किया और वंशीधर कंस्ट्रक्शन कंपनी से मुआवजा की मांग की. मामले की सूचना पाकर सीओ अजीत कुमार, बीडीओ अतुल प्रसाद, इंस्पेक्टर केके साहनी, थानाध्यक्ष सुभाष राय, मुखिया संजय यादव सहित कई जनप्रतिनिधि पहुंचे और लोगों को शांत कराया.
पता चला कि घटनास्थल पर सुलह समझौते का दौर चला और कंपनी से पांच लाख रुपये मुआवजे पर बात बनी. पांच लाख का चेक पीड़ित परिवार को और 48 माह तक पांच हजार रुपये प्रतिमाह पत्नी रूमा देवी को सहायतार्थ देने की घोषणा कंपनी द्वारा की गयी. प्रोजेक्ट इंजीनियर हेमंत प्रसाद रंजन ने मृतक के भाई सुनील कुमार सिंह को पांच लाख का चेक दिया. मिली जानकारी के अनुसार सोमवार की रात पहाड़ में विस्फोट कर पत्थर हाइवा पर लादने का काम किया जा रहा था. इसी क्रम में पत्थर लेकर निकल रही हाइवा की चपेट में सुपरवाइजर संतोष आ गया और उसकी मौत हो गयी.
भूसा लदे वाहन से दब कर मजदूर की मौत
नवीनगर के प्रह्लाद बिगहा के समीप पिकअप वाहन पर कुट्टी भूसा लोड करने के दौरान अचानक लोड से वाहन पलट गया. इससे दब कर 36 वर्षीय मजदूर लखन मेहता की मौत हो गयी.
घटना रविवार की शाम की है. मिली जानकारी के अनुसार ओबरा थाना क्षेत्र के ऊब गांव के लखन मेहता मजदूरी का काम करने प्रह्लाद बिगहा गया था. अन्य मजदूरों के साथ एक पिकअप वाहन पर भूसा लोड कर रहा था, इसी दौरान अत्यधिक लोड होने के कारण वाहन पलट गया. इस दौरान लखन वाहन के नीचे दब गया, लेकिन इसकी भनक किसी को भी नहीं लगी. काफी समय बाद जब मजदूरों ने उसे अपने साथ नहीं देखा, तो उनके मन में शंका हुई. इसके बाद भूसे के बोरे को हटाया गया, तो मजदूरों ने देखा कि लखन की मौत दब कर हो गयी है. इसके बाद तो सारे मजदूर भाग खड़े हुए.
सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने छानबीन करते हुए सोमवार की सुबह शव का पोस्टमार्टम कराया और परिजनों को सौंप दिया. इधर, घटना के बाद लखन के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा. पता चला कि लखन मजदूरी कर किसी तरह अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहा था.
