वार्ड के लोगों ने लगाया विकास कार्यों में मनमानी का आरोप
औरंगाबाद सदर : नगर पर्षद क्षेत्र के वार्ड संख्या 18 की हालत देख कर रोना आ सकता है. इस वीआइपी वार्ड के कई हिस्सों की हालत गांव से भी बदतर है. वार्ड में जगह-जगह नाली का पानी सड़कों पर बहते दिख जाता है. वार्ड के अंतर्गत शहर का नावाडीह बिगहा, नूरबाग, सोशल क्लब, अलका सदन गली, डाॅ मुस्ताक की गली व इनायत मसजिद का इलाका आता है. इन इलाकों में सड़क व नाली पर विकास राशि तो खर्च की गयी है, लेकिन योजना का कार्यान्वयन सही तरीके से नहीं किये जाने के कारण वार्ड के लोगों को कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है. स्थानीय लोगों का कहना है कि वार्ड की सबसे बड़ी समस्या जल निकासी है. पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था भी ठीक नहीं है. इसके अलावे वार्ड के विकास पर खर्च किये गये रुपये की सिर्फ लूट हुई है. काम का फायदा नहीं दिखता.
महज दो वर्षों में ही टूट कर बिखर गयी सड़क : वार्ड के मो शमीम, शकील उर्फ मुन्ना, हाजी मोहम्मद निजामुद्दीन, मो महफू, डाॅ इरफान बताते हैं कि वार्ड में सोशल क्लब से डाॅ कृष्णनंदन प्रसाद के घर से होकर गुजरनेवाली सड़क महज दो वर्षों में ही टूट कर बिखर गयी. रोड का कहीं नामोनिशान नहीं दिखता. इसके अलावे वार्ड के तमाम मुहल्लों में नालियों पर ढाले गये पटिया बेहद घटिया किस्म के हैं, जो अधिकांश जगहों पर टूट चुके हैं. लोगों ने बताया कि मुहल्ले में पेयजल भी एक बड़ी समस्या है. सोशल क्लब के पास के बोरिंग से पानी की सप्लाई हर गली तक नहीं पहुंच पाती. पाइपलाइन जब फट जाता है, तो उसकी मरम्मत भी समय पर नहीं होती.
सड़क पर बहता है नाली का गंदा पानी
वार्ड के मो नजरैन, शनि, मो मजहर, मिस्टर मुर्सद , मो तौहिद, मास्टर कलाम, सोनू ने बताया कि वार्ड में बनी सड़क व नाली निर्माण कार्य का कोई फायदा नहीं दिखता. नूरी मसजिद से सोशल क्लब तक बनी नाली को क्लब के बाउंड्री के पास पैक कर दिया गया है. समझ में नहीं आता कि उस नाली का पानी कहां जाता है. वार्ड के अंदर के मुहल्लों की हालत भी यही है. अगर दो-तीन दिन पर लोग अपने से नाली की सफाई न करें, तो ओवरफ्लो होकर सड़क पर बहने लगता है. जुमे की नमाज पढ़ने जाने में दिक्कत होती है.
वीआइपी गली को भी नहीं मिलता पानी
समाजसेवी मो शकील अहमद बताते हैं कि वार्ड में हुए आधे-अधूरे विकास कार्यों की अगर ईमानदारी से जांच करा ली जाये, तो काम की गुणवत्ता स्पष्ट हो जायेगी. सोशल क्लब से सटा वीआइपी गली की एक नाली नया स्रोत नहीं होने के कारण वर्षों से क्लब के बाउंड्री से होकर बहती है. साफ नहीं होने की स्थिति में नाली सड़क पर भी बहता है. सोशल क्लब के बोरिंग का लाभ वीआइपी गली को नहीं मिलता. इसके अलावे वार्ड में लगे स्ट्रीट लाइट लगने के साथ ही फ्यूज है, जो आज तक नहीं बदले गये.
क्या कहते हैं पार्षद
वार्ड में 35 लाख रुपये की लागत से सड़क व नाली निर्माण कराया गया. पेयजल के मामले में दूसरे वार्डों से यह वार्ड बहुत बेहतर है. स्ट्रीट लाइट से वार्ड जगमग करते रहता है.
मो इरफान, वार्ड पार्षद 18
