नवीनगर: प्रखंड के ग्राम कांडी में अवस्थित उच्च माध्यमिक विद्यालय शिक्षा व्यवस्था के नाम पर मजाक बन कर रह गया है. यहां न तो एक भी शिक्षक पदस्थापित हैं और न ही विद्यालय में किसी तरह का कोई संसाधन ही उपलब्ध है. इसके चलते उच्च शिक्षा प्राप्त करने में छात्र-छात्राओं को काफी मुश्किलों के दौर से गुजरना पड़ रहा है. मध्य विद्यालय के शिक्षकों द्वारा उच्च विद्यालय को जैसे-तैसे संचालित किया जा रहा है. इसका खामियाजा छात्र-छात्राओं को भुगतना पड़ रहा है.
एक भी शिक्षक नहीं होने के कारण बच्चों का शिक्षण कार्य प्रभावित है और संसाधन का घोर अभाव होने की वजह से विद्यालय में शिक्षा ग्रहण करनेवाले 60 बच्चों का भविष्य अधर में लट गया है, जिनकी सुधि लेनेवाला कोई नहीं है. छात्र मनीष कुमार, अभिषेक कुमार, मुन्ना कुमार, शशि कुमार ने बताया कि वर्ष 20013-14 में मध्य विद्यालय को उच्च विद्यालय में उत्क्रमित किया गया है.
चार वर्ष की अवधि बीतने के बावजूद यहां अब तक एक भी शिक्षक नहीं आये हैं. मध्य विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक नरेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि उच्च विद्यालय में शिक्षक की पदस्थापना करने व संसाधन उपलब्ध कराने के लिए लिखित आवेदन के साथ-साथ मौखिक रूप से भी आग्रह किया गया है. इसके बावजूद इस ओर अब तक कोई पहल नहीं की जा सकी है. मध्य विद्यालय के शिक्षकों द्वारा ही जैसे-तैसे उच्च विद्यालय के बच्चों को शिक्षा दी जाती है. उन्होंने यह भी बताया कि उच्च विद्यालय के भवन का निर्माण कार्य किया जा रहा है, लेकिन एक भी शिक्षक नहीं होने से परेशानी बरकरार है.
