दाउदनगर अनुमंडल : दाउदनगर थाना परिसर में अवस्थित हजरत इस्माइल शाह उर्फ घोड़े बाबा के मजार दोनों समुदायों के लोगों का आस्था का केंद्र बना हुआ है. प्रत्येक वर्ष दाउदनगर थाना परिवार द्वारा इनका सालाना उर्स धूमधाम से मनाने की परंपरा चलती आ रही है. परंपरा के अनुसार इनका सालाना उर्स प्रत्येक वर्ष दस रज्जब को मनाया जाता है. इस मौके पर जलसा का आयोजन किया जाता है.
रात में कव्वाली का आयोजन किया जाता है. परंपरानुसार डीएम व एसपी द्वारा घोड़े शाह बाबा की मजार पर चादरपोशी की जाती है. आम दिनों में भी श्रद्धालु आस्थापूर्वक इनके मजार पर जाकर फातेया कराते हैं और चादरपोशी करते हैं. इस मजार की देखरेख दाउदनगर थाना द्वारा की जाती है.
पुलिस के घोड़ों की देखभाल करते थे घोड़ेशाह : उर्स कमेटी से जुडे मुन्ना अजीज ने बताया कि आजादी से पहले थानेदार, दारोगा, सिपाही जब इस क्षेत्र का दौरा करने आते थे, तो उन्हें दौरा करने के लिए घोड़ा दिया जाता था.
इन घोड़े की हिफाजत करने के लिए यहां घोड़े शाह साईस के पद पर तैनात थे. इस कार्य के बाद उनका जो भी समय बचता था, उसका इस्तेमाल वे इबादत में बिताया करते थे. उनके निधन के बाद थाना परिसर में ही उनकी याद में एक मजार बनाया गया. कभी दाउदनगर थाना में अब्दुल अजीज नामक दारोगा आये, जिनका प्रशासनिक कार्य से कही बाहर जाने के दौरान कुछ जरूरी कागजात कहीं खो गया.
किसी ने उन्हें सलाह दी कि वे इस मजार पर फातेया कर अपनी मुराद रखें. उन्होंने वैसा ही किया और शाम में किसी अजनबी शख्स ने पहुंच कर इनका खोया हुआ कागज पहुंचा दिया. इसके बाद अब्दुल अजीज ने चादरपोशी करते हुए कव्वाली का आयोजन कराया. तब से यह परंपरा चलती आ रही है.
कानपुर व बनारस के कव्वाल के बीच होगा मुकाबला
गाजी नवाब अहमद खां व हजरत इसमाइल शाह उर्फ सैयदाना घोड़े शाह का सालाना उर्स मनाये जाने की तैयारी पुलिस इंस्पेक्टर रविंद्र प्रसाद व थानाध्यक्ष अभय कुमार सिंह के नेतृत्व में पूरी कर ली गयी है.
शनिवार को सुबह में कुरआनखानी, दोपहर में दरिद्र नारायण भोज आयोजित किया जायेगा. शाम चार बजे चादरपोशी के लिए जुलूस निकाला जायेगा. थाना परिसर से चादरपोशी जुलूस निकलेगी, जो मौलाबाग स्थित नवाब साहब के मजार तक पहुंचेगी. शाम में डीएम व एसपी द्वारा चादरपोशी की जायेगी. रात में कानपुर के टी सीरीज के कव्वाल महबूब ताज व बनारस की कव्वाला रानी चांदनी के बीच कव्वाली का मुकाबला होगा.
