''दवा दुकान में खत्म हो फार्मासिस्ट की बाध्यता''

औरंगाबाद शहर : केंद्रीय कानून ड्रग एक्ट 1940 एवं नियम 1945 के कानून को वापस लेने की मांग करते हुए औरंगाबाद डिस्ट्रिक्ट केमिस्ट एण्ड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के कार्यकर्ताओं ने बैठक की. बैठक की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष बैजनाथ प्रसाद व संचालन सचिव सतीश कुमार सिंह ने किया. अध्यक्ष व सचिव ने बिहार सरकार के आदेश 245 (15) […]

औरंगाबाद शहर : केंद्रीय कानून ड्रग एक्ट 1940 एवं नियम 1945 के कानून को वापस लेने की मांग करते हुए औरंगाबाद डिस्ट्रिक्ट केमिस्ट एण्ड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के कार्यकर्ताओं ने बैठक की. बैठक की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष बैजनाथ प्रसाद व संचालन सचिव सतीश कुमार सिंह ने किया.
अध्यक्ष व सचिव ने बिहार सरकार के आदेश 245 (15) को यथाशीघ्र वापस लेने की मांग की. अध्यक्ष ने कहा कि खुदरा दवा दुकानों में फार्मास्सिट की अनिवार्यता केंद्रीय कानून ड्रग एक्ट 1940 व नियम 1945 का बना हुआ है.
इस कानून का कोई औचित्य नहीं है. वर्तमान में बिहार सरकार द्वारा जारी ड्रग लाइसेंस के आधार पर लगभग 40 हजार दवा दुकानें राज्य में संचालित है. नये आदेश से 90 प्रतिशत दवा दुकानें बंद हो जायेगी,जिससे दवा व्यवसाय से जुड़े तीन लाख लोग बेरोजगार हो जायेंगे. सुदूर ग्रामीण इलाको में दवा की आपूर्ति बंद हो जायेगी,जिससे रोगियों के जान जाने की खतरा उत्पन्न हो जायेगा.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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