औरंगाबाद नगर : एक तरफ जब से आरबीआइ द्वारा नोटबंदी की गयी है, उसी वक्त से पैसे के लिए मारामारी की स्थिति उत्पन्न है. लेकिन, जब जरूरत पर किसानों को पैसा नहीं मिलता हो, तो हंगामा करना लाजिमी है. कारण यह है कि होली का पर्व आ गया है. बच्चों के कपड़े खरीदने, स्कूल का फी जमा करने व मजदूरों का बकाया पैसा देना जरूरी हो गया, बावजूद जब किसान अपने धान का पैसा निकालने के लिए बैंक में पहुंच रहे हैं, तो उन्हें पैसा नहीं मिल पा रहा है.
इसके कारण किसानों का आक्रोश बढ़ रहा है. जब गुरुवार को दर्जनों किसान पैसा के निकासी करने के लिए जिला मुख्यालय स्थित सेंट्रल कोऑपरेटिव बैंक पहुंचे, तो शाखा प्रबंधक द्वारा यह कहते हुए पैसा देने से इनकार कर गये कि अभी बैंक में भुगतान करने के लिए पैसा नहीं है. इससे नाराज किसानों ने बैंक परिसर में ही हंगामा करना शुरू कर दिया. हालांकि, किसी तरह मामला शांत हुआ. इसके बाद शाखा प्रबंधक नंदू राम, कैशियर विनोद कुमार के साथ दूसरे बैंक में गये और वहां से पैसा लाकर किसानों को भुगतान किया. इसके बाद किसान शांत हुए.
किसान बलवंत सिंह, जैलेंद्र चौबे, विकास कुमार, गुड्डू कुमार ने बताया कि दो दिन से पैसा निकासी के लिए बैंक आ रहे हैं, लेकिन पैसा नहीं होने की बात कहते हुए हमलोगों को लौटा दिया जा रहा है. वहीं हमलोगों पर पैसा भुगतान करने का दबाव गांव में बकायेदारों द्वारा बनाया जा रहा है. जब इस संबंध में शाखा प्रबंधक नंदू राम से पूछा गया, तो उन्होंने बताया कि बैंक का पैसा पंजाब नेशनल बैंक में है, लेकिन उस बैंक द्वारा पैसा नहीं दिया जा रहा है. इसके कारण परेशानी हो रही है. इधर, सूत्रों की मानें तो स्टेट बैंक में भी पूरे दिन पैसे की निकासी नहीं हुई.
