नवीनगर. नवीनगर नगर पंचायत 14 वार्डों का 13 हजार से भी अधिक की आबादी वाला शहर है, लेकिन सुविधा के नाम पर किसी भी वार्ड में एक भी शौचालय नहीं है. एक ओर सरकार जहां स्वच्छता अभियान के तहत घर- घर शौचालय बनाने पर जोर दे रही है, वहीं दूसरी ओर बड़ी आबादी वाला शहर नवीनगर शौचालय की समस्या से जूझ रहा है. बस स्टैण्ड में वर्षों पूर्व का बना शौचालय जर्जर अवस्था में पहुंच अंतिम सांसे गिन रहा है. शौचालय में लगे दरवाजे के साथ -साथ कर्मचारियों के कमरा का दरवाजा भी टुटा हुआ है.
शौचालय की स्थिति पूरी तरह दयनीय बनी हुई है. जगह जगह इसके दीवार दरक गये हैं. शौचालय परिसर में लगे चापाकल भी गर्मी के मौसम में सुख जाता है. न तो नहाने की कोई व्यवस्था है और ना ही पेयजल की, जबकी हर साल इस शौचालय से हजारो रूपये की आय नगर पंचायत को प्राप्त होता है. इतना सब कुछ के बावजुद स्थिति ज्यों की त्यों बनी हुयी है और इस ओर नप अधिकारी से लेकर जनप्रतिनिधी तक किसी का भी ध्यान नही जाना अकर्मण्यता को र्दशाता है. संवेदक विक्की कुमार ने बताया की कई बार शौचालय निर्माण एवं इसकी मरम्मत के लिए पदाधिकारी से लेकर जनप्रतिनिधि तक गुहार लगाया पर कोई सुनवाई नही हुआ .शौचालय की स्थिति जर्जर होने की वजह से आने जाने वाले यात्रियों के साथ -साथ सुदुरवर्ती ग्रामीण क्षेत्रो से बाजार आने वाली महिलाएं तथा लड़कियों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ता है.
ऐसे तो नप के सभी वार्डों मे कम से कम एक एक शौचालय का निर्माण होना चाहिए और बस स्टैण्ड मे 10 कमरे का महिला पुरूष का शौचालय होना चाहिए, जिसमे स्नान घर से लेकर पर्याप्त पेयजल के लिए मोटर लगाया जाना चाहिए ताकी आने जाने वाले लोगो को खुले मे शौच जाने से छुटकारा मिल सके लेकिन इस समस्या का कब समाधान होगा इस आश मे शहरवासी टकटकी लगाये हुए है.लेकिन जो स्थिति दिख रहा है उससे अंदाजा लगाना मुश्किल है की आम जनो के लिए फिलहाल शौचालय का निर्माण भी होगा या नहीं.
