रफीगंज : समाज में फैली कुरीति दहेज प्रथा जब तक समाप्त नहीं होगी, बेटियों की रक्षा व उसे मान सम्मान नहीं मिल सकता. उक्त बातें मंजू देवी ने प्रभात खबर द्वारा आयोजित बेटी बचाओ कार्यक्रम में कहीं.
रफीगंज शहर के हाजीपुर मुहल्ला स्थित देवी मंदिर के समीप बेटी बचाओ अभियान कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम का उद्घाटन मंजू देवी, ज्योति कुमारी, रूबी देवी, सावित्री देवी, मालती देवी, सुनील कुमार सिंह, संदीप कुमार ने संयुक्त रूप से किया. उन्होंने आगे कहा कि बेटी से ही घर की शोभा बढ़ती है. बेटियां अगर न हों, तो वंश नहीं चलेगा. बेटियों के बिना समाज की परिकल्पना भी नहीं की जा सकती है. समाज सब कुछ जानते हुए भी अपना सर ऊंचा करने के लिये दहेज का लेनदेन करता है, जबकि बेटियां हमेशा आहत ही होती हैं. ज्योति कुमारी ने कहा कि बेटे के समान बेटी को भी पढ़ने लिखने का अधिकार है. जो भी अभिभावक बेटा-बेटी में फर्क करते हैं, वे गलत करते हैं. सावित्री देवी ने कहा कि बेटियो की रक्षा के लिये सबसे पहले समाज की सोच बदलने की जरूरत है.
जब तक इसके प्रति समाज के लोग सजग नहीं होंगे,बेटियों पर हो रहा अत्याचार नहीं रुक सकता है. मालती देवी ने कहा कि आज बेटियां सरकार एवं गैर सरकारी संस्थानों में कार्य कर रही हैं. ऐसी स्थिति में भी दहेज जैसी कुरीति समाज को जकड़े हुए है. समाज के लिये यह गंभीर विषय है. संदीप कुमार ने कहा कि बेटियों को उच्च शिक्षा देकर ही उनका अधिकार दिलाया जा सकता है. अभिभावक बेटे व बेटी को समान शिक्षा दे. मौके पर सुनील कुमार दीप, रेवती देवी, अंजु देवी, मुरती देवी, पिंकी देवी, संजय कुमार, रामजी प्रसाद, नीरज कुमार उपस्थित थे.
