टूटी नालियाें व सड़कों पर बहते गंदे पानी से शाहपुर के लोगों का जीना मुहाल
औरंगाबाद कार्यालय : शहर का सबसे पुराना मुहल्ला है शाहपुर और यह नगर परिषद के वार्ड नंबर 26 का इलाका है. यहां कई प्रमुख शिक्षण संस्थान के साथ-साथ धर्मस्थल भी है, लेकिन सबसे अधिक गंदगी इसी मुहल्ले में पसरी है. दूसरी समस्या है मुख्य पथ के बगल से होकर जो नाली निकली है, वो पूरी तरह टूट चुकी है. इसके चलते इस नाली से घरों से निकलनेवाला पानी का बहाव नहीं होता है. इन समस्याओं के अलावा इस वार्ड में रहने वाले कई ऐसे लोग हैं, जिनकाे नि:शक्तता पेंशन नहीं मिलती है. गरीब व कमजोर वर्ग के लोगों की शिकायत है कि तीन-तीन माह तक राशन भी नहीं मिल पाता है.
ठाकुरबाडी से सटे इलाके के लोग गंदगी से परेशान हैं. लोगों ने जिस तरह अपनी समस्या गिनायी हैं उससे यह स्पष्ट हो चुका है कि विकास के मामले में शाहपुर अभी भी काफी पीछे हैं. शहर में रहते हुए भी यहां के लोग गांव की तरह पगडंडी के सहारे अपने घरों में जाते हैं. शाहपुर मुहल्ला के मध्य भाग को लोग बाड़ी कहते हैं. इसमें पहले सब्जी का उत्पादन होता था. अब इसमें आवासीय मकान बन चुके हैं, लेकिन इन लोगों के साथ समस्या यह है कि इनके आने-जाने के लिए कोई सड़क नहीं है. घरों के ऊपर से 440 वोल्ट का तार गुजरा है. यह तार कई लोगों की छतों के बराबर से गुजरा है. इससे लोग दहशत में रहते हैं. शाहपुर के ठाकुरबाड़ी मुहल्ले के दक्षिण वाले भाग में रह रहे लोगों की शिकायत है कि सफाई कर्मी यहां नहीं पहुचते हैं. माह में एक-दो बार दिखाई भी देते हैं, तो सफाई के नाम पर खानापूर्ति कर चले जाते हैं.
क्या कहते हैं वार्ड पार्षद
हमारे वार्ड में जो भी समस्या है उसे दूर किया जाता है. गलियों में पक्की नाली, पक्की सडक बनायी गयी है. मुख्य नाली बनाने के लिये नगर पर्षद को लिखित सूचना दी गयी है. टेंडर होते ही नाली का निर्माण कर लिया जायेगा.
कामता मेहता
वार्ड पार्षद नहीं देते ध्यान
इस मुहल्ले के लोगों की सबसे बड़ी परेशानी यह है कि अपनी समस्या को लेकर जब वे वार्ड पार्षद के पास जाते हैं, तो वे सुनकर भी अनसुना कर देते हैं. कुछ खास लोग ऐसे हैं, जिनकी ही बात वे सुनते हैं. मुहल्ले में रहनेवाले गरीब व कमजोर वर्ग के लोग अपने आप को अपेक्षित महसूस करते हैं.
पिंटू कुमार
नाली निर्माण में अनदेखी
शाहपुर सबसे पुराना मुहल्ला है. इस मुहल्ले में रह रहे लोगों के लिए सबसे बड़ी समस्या है, मुख्य पथ से होकर गुजरी नाली का ध्वस्त होना. जब तक मुख्य नाली का निर्माण नये सिरे से नहीं किया जायेगा, तब तक घरों से निकलनेवाला पानी रास्तों पर बहता रहेगा.
सुनील कुमार
छत से गुजरा बिजली का तार
छतों से गुजरा 440 वोल्ट के तार से डर बना रहता है. इससे संबंधित शिकायतें कई बार बिजली विभाग के अधिकारियों से की गयी, लेकिन वे सुनते ही नहीं हैं. कई ऐसे घर हैं जिनकी छत से एक फुट की ऊंचाई से होकर यह गुजरा है. बच्चे खेलते-खेलते हाथ बाहर निकाल लेते हैं, तो कभी महिलाओं को कपडा सुखाने के दौरान बिजली के तार से डर बना रहता है.
रामयाद सिंह
