पंचायत चुनाव की सरगरमी तेज, घोषणा पर टिकी निगाहें दाउदनगर (अनुमंडल). पंचायत चुनाव की सरगरमी तेज हो चुकी है. इस बार सीटों के आरक्षण में बदलाव हो रहा है, जिसकी अधिकारिक घोषणा अभी तक नहीं की गयी है, लेकिन रोस्टर लगभग तैयार हो चुका है. इसकी औपचारिक व अधिकारिक घोषणा होना अभी बाकी है और अधिकारी भी इस बारे में कुछ बताने को तैयार नहीं है. हालांकि सूत्रों का कहना है कि इस बार के चुनाव में कई पंचायती राज प्रतिनिधि या तो अपने लिए दूसरे क्षेत्र का तलाश करेंगे या फिर अपने परिजन या आरक्षण वार नजदीकी समर्थक को चुनाव मैदान में उतार कर अप्रत्यक्ष रूप से राजनीतिक बाजी अपने हाथ में रखने का प्रयास करेंगे. प्रखंड में है 15 पंचायत : दाउदनगर प्रखंड में पंचायतों की संख्या 15 है. विश्वस्त सूत्रों ने बताया कि इनमें से चार पंचायत अनूसूचित जाति के लिए व तीन पंचायत अतिपिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित है. अनारक्षित पंचायतों की संख्या आठ है, जिनमें अनारक्षित महिला भी शामिल है. सूत्रों के अनुसार शमशेरनगर पंचायत अतिपिछड़ा महिला था, जिसे अनूसूचित जाति महिला किया जा रहा है. अरई अनारक्षित था जिसे अनुसूचित जाति महिला किया जा रहा है. चौरी अनारक्षित महिला था, जिसे अतिपिछड़ा अन्य किया जा रहा है. कनाप अतिपिछड़ा सामान्य था, जिसे अनुसूचित जाति अन्य किया जा रहा है. गौरडीहा अनारक्षित था जिसे अनारक्षित महिला किया जा रहा है. अतिपिछड़ा संसा को अनारक्षित महिला किया जा रहा है. अनारक्षित महावर व अंकोढा अनारक्षित ही रह जा रहे है. अनारक्षित महिला तरारी को पिछड़ी जाति महिला किया जा रहा है. अनुसूचित जाति आरक्षित अंछा को अनारक्षित महिला, अनुसूचित जाति महिला आरक्षित बेलवां को पिछड़ा अन्य, अतिपिछड़ी आरक्षित, तरार को अनारक्षित अन्य, अनारक्षित महिला मनार को अनुसूचित जाति अन्य, अनुसूचित जाति आरक्षित, सिंदुआर को अनारक्षित अन्य व अनारक्षित अन्य करमा को अनारक्षित महिला किया जा रहा है. मुखिया की तरह ही सरपंच का भी रिजर्ववेशन होगा. इसके अधिकारिक घोषणा का इंतजार किया जा रहा है और इस पर संभावित प्रत्याशियों की निगाहें टिकी हुई है. भले ही अधिकारिक घोषणा नहीं हो पायी है लेकिन संभावित प्रत्याशियों ने तैयारी शुरू भी कर दी है. विधायक के पुत्र भी लडेंगे चुनाव : क्षेत्रीय विधायक वीरेंद्र कुमार सिन्हा के पुत्र व युवा राजद नेता कुणाल प्रताप अंकोढा पंचायत से मुखिया का चुनाव लड़ेंगे. विधायक इस पंचायत से दो बार मुखिया रह चुके हैं और मुखिया रहते हुए ही वे विधायक निर्वाचित हुए थे. विधायक निर्वाचित होने के बाद उन्होंने मुखिया पद से त्याग पत्र दे दिया था. कुणाल ने बताया कि विकास के मुद्दे पर चुनाव मैदान में उतरेंगे. वहीं दो बार कनाप से पंचायत समिति सदस्य रही पूर्व उप प्रमुख माधुरी देवी गौरडीहा पंचायत से मुखिया पद के लिए चुनाव मैदान में उतर रही है. उनके पति व पंचायत समिति सदस्य कौशल शर्मा ने बताया कि गुरुवार से वे अपने चुनाव अभियान का शुभारंभ करेंगी.
पंचायत चुनाव की सरगरमी तेज, घोषणा पर टिकी निगाहें
पंचायत चुनाव की सरगरमी तेज, घोषणा पर टिकी निगाहें दाउदनगर (अनुमंडल). पंचायत चुनाव की सरगरमी तेज हो चुकी है. इस बार सीटों के आरक्षण में बदलाव हो रहा है, जिसकी अधिकारिक घोषणा अभी तक नहीं की गयी है, लेकिन रोस्टर लगभग तैयार हो चुका है. इसकी औपचारिक व अधिकारिक घोषणा होना अभी बाकी है और […]
