बारिश होने पर बच्चों को छुट्टी खुले में पढ़ाई कर रहे गुलजारपुर नवसृजित प्राथमिक विद्यालय के बच्चे जमीन रहते भवन का नहीं हो रहा निर्माण, बच्चों को नहीं मिल रहा मध्याह्न भोजन फोटो नंबर-4 से 8 तक, परिचय- खुले आसमान के नीचे पढ़ाई कर रहे बच्चे, जमीन दानदाता रामगति चौधरी, अवकाश प्राप्त प्रधानाध्यापक लक्ष्मण चौधरी, वार्ड बसंत कुमार, बीडीओ अशोक प्रसाददाउदनगर(अनुमंडल).सरकार द्वारा बेहतर से बेहतर व्यवस्था कर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के हर संभव प्रयास किये जा रहे हैं, लेकिन कई स्थानों पर यह प्रयास विफल हैं. उदाहरण के तौर पर नगर पंचायत दाउदनगर के वार्ड संख्या पांच स्थित नवसृजित प्राथमिक विद्यालय, गुलजारपुर को देखा जा सकता है. जमीन रहते भवन का निर्माण नहीं हो पा रहा है. खुले में पढ़ाई करने को बच्चे विवश हैं. गुलजारपुर जैसे पिछड़े इलाके में 30 मई 2013 को यह विद्यालय रामगति चौधरी की निजी जमीन पर स्थापित हुआ था. उस समय फूस की झोंपड़ी में विद्यालय शुरू करते हुए दो शिक्षक पदस्थापित किये गये थे. फिलहाल पहली से पांचवीं कक्षा तक 173 बच्चे हैं. प्रतिदिन औसतन 50 से 60 बच्चों की उपस्थिति का दावा किया जाता है. बरसात में फूस की झोंपड़ी ध्वस्त हो गयी, तब से खुले में ही अपने घरों से बोरा लाकर बच्चे पढ़ाई करते हैं. शिक्षक भी पदस्थापित नहीं है, बल्कि अरुण कुमार अर्जुन व शाहीद हुसैन की प्रतिनियुक्त कर विद्यालय चलाया जा रहा है. बच्चों को अब तक मध्याह्न भोजन भी मिलना शुरू नहीं हुआ. हालांकि, छात्रवृत्ति व पोशाक योजना के रुपये मिलते हैं. इस दौरान एक परिवर्तन यह भी हुआ कि विद्यालय के भवन निर्माण के लिए रामगति चौधरी ने ही पौने 11 डिसमिल जमीन राज्यपाल के नाम से जुलाई 2015 में रजिस्ट्री कर दी. यानी विद्यालय भवन निर्माण के लिए जमीन की समस्या भी नहीं रही. जमीन मिलने के छह महीने बाद भी न तो भवन निर्माण शुरू हुआ और न ही इसके लिए सर्व शिक्षा अभियान से रुपये आवंटित हुई है. इस प्रकार भवन के अभाव में बच्चे खुले में पढ़ाई करने को विवश हैं. बारिश होने पर बच्चों को छुट्टी दे दी जाती है .——————-स्कूल बनावेला जमीन देले हिइ एकर फाइदा लइकन के मिले के चाही. रामगति चौधरी, जमीन दानदाताबहुत प्रयास कर इस स्कूल की स्थापना करायी गयी थी. भवन निर्माण के लिए सर्व शिक्षा अभियान से आग्रह भी किया गया है. लक्ष्मण चौधरी, अवकाश प्राप्त निकासी व व्ययन पदाधिकारीवार्ड संख्या पांच के इस पिछड़े इलाके में विद्यालय की स्थापना होने से शैक्षणिक विकास हुआ है,अब भवन का निर्माण होना चाहिए.बसंत कुमार, वार्ड पार्षदभवनहीन विद्यालयों की पहचान की जा रही है. जमीन उपलब्ध है इसलिए बीआरसी से प्रतिवेदन मंगवा कर भवन निर्माण हेतु सर्व शिक्षा अभियान से रुपये आवंटित कराने की प्रक्रिया शुरू करायी जायेगी.अशोक प्रसाद, प्रखंड विकास पदाधिकारी,दाउदनगर
बारिश होने पर बच्चों को छुट्टी
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