कड़ाके की ठंड में ठिठुर रहे लोग, अलाव कहीं नहीं कंबल के इंतजार में गरीब व असहाय लोगों की निगाहें (ग्राफिक्स लगा देंगे) औरंगाबाद (नगर) कड़ाके की ठंड में प्रतिदिन इजाफा हो रहा है, लोग अपने-अपने घरों में दुबके है. घरों से बाहर निकलने पर लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. इसके बावजूद अभी तक जिला प्रशासन द्वारा न तो कहीं अलाव की व्यवस्था करायी गयी और न ही असहायों के बीच कंबल वितरण किया गया. हालांकि, राज्य सरकार द्वारा सभी जिलाधिकारी को ठंड को देखते हुए कंबल वितरण व अलाव जलाने का निर्देश दिया गया है. अब लोगों की मन में यह सवाल खड़ा हो रहा है राज्य सरकार के निर्देश के बावजूद क्यों नहीं अलाव जलाये जा रहे हैं और कंबल बांटे जा रहे हैं. शीतलहर से फुटपाथ पर रहनेवाले लोगों का जीना मुहाल हो गया है. ठंड को देखते हुए हर साल जिला प्रशासन द्वारा पहले ही व्यवस्था करा दी जाती थी. कंबल वितरण व अलाव की व्यवस्था नहीं होने के कारण कितने लोग ठंड के चपेट में आकर अपनी जान को भी गवां दिये, इसके बाद भी जिला प्रशासन गंभीर नहीं है. आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से भी शीतलहर को देखते हुए कई तरह के प्रयास किये जाते थे, लेकिन इस बार वो भी गायब हैं. प्रशासन के प्रति लोगों में नाराजगी : ठंड देखते हुए अन्य जिलों में अलाव की व्यवस्था करा दी गयी है. इस जिले में कब अलाव की व्यवस्था होगी या फिर कब लोगों को कंबल मिलेंगे, यह कहना मुश्किल है. कुछ लोगों का कहना है कि जिला प्रशासन इस कड़ाके की ठंड के बाद अलाव की व्यवस्था व कंबल बांटेगी क्या?. हालांकि शहर के हर मुहल्लों में जिला प्रशासन के प्रति लोग नाराजगी जाहिर कर रहे हैं. इस संबंध में पक्ष जानने के लिए जिला आपदा प्रबंधन पदाधिकारी सुनील कुमार के मोबाइल नंबर 9431818411 पर कई बार संपर्क किया गया, लेकिन वे मोबाइल रिसीव नहीं कर सकें. इससे स्पष्ट होता है कि वे गरीबों के हित में काम नहीं करना चाहते.
कड़ाके की ठंड में ठिठुर रहे लोग, अलाव कहीं नहीं
कड़ाके की ठंड में ठिठुर रहे लोग, अलाव कहीं नहीं कंबल के इंतजार में गरीब व असहाय लोगों की निगाहें (ग्राफिक्स लगा देंगे) औरंगाबाद (नगर) कड़ाके की ठंड में प्रतिदिन इजाफा हो रहा है, लोग अपने-अपने घरों में दुबके है. घरों से बाहर निकलने पर लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. […]
