लेले अइहा हो भइया मैहर के चुनरीया(फोटो नंबर-45) परिचय- उद्घाटन करते थानाध्यक्ष व अन्य अंबा (औरंगाबाद) छठ व्यक्ति को प्रकृति की पूजा करना सिखाता है. इस पर्व में पवित्रता और सफाई का विशेष महत्व है. व्रती के साथ इस पर्व में अन्य लोगों को भी बढ़-चढ़ कर भाग लेना चाहिए. ये बातें प्राचीन गढ़ कुटुंबा में छठ मेला का उद्घाटन करते हुए थानाध्यक्ष सुभाष राय ने कही. उन्होंने कहा कि व्रतियों की सेवा करना सबका कर्तव्य है. थानाध्यक्ष ने भाईचारा के साथ पर्व मनाने की बात कही. थानाध्यक्ष के साथ मेला व जागरण का उद्घाटन पैक्स अध्यक्ष नीलम सिंह एवं अमरेंद्र पांडेय ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया. कार्यक्रम का संचालन बीआरपी चंद्रशेखर प्रसाद साहू ने किया. न्यू चैलेंज क्लब एवं शिव मंदिर निर्माण समिति के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित देवी जागरण में कलाकार शैलु दूबे व क्षमा जौहरी के देवी गीत ले ले अइहा हो भइया मैहर के चुनरीया पर श्रोता झूम उठे. कलाकारों ने कई भक्ति गीतों से समा बांधा. छठ गीत पेनहले महादेव पिअरिया माथे दउरा उठाव, पांच पुतर अन-धन लक्ष्मी मांगबई जरूर, चलो बुलाआ आया है माता ने बुलाया है, लाले रंग सेनुरा बा लाले रंगचुरिया आदि गीतों का दर्शन ने पूरी रात आनंद उठाया. राधे-कृष्ण की झांकी व उनके द्वारा खेले गये फूलों की होरी का दृश्य जब मंच से दिखाया गया तो उनके छवि को देख कर भाव विहवल हो उठे .इस मौके पर क्लब के अध्यक्ष शिवानंद दूबे,पंचायत समिति प्रतिनिधि चुनमुन कुमार, अरविंद सिंह,विनय दूबे, धर्मेंद्र दूबे, जीतू तिवारी, दिनेश कश्यप, रोहित कुमार, पंकज कुमार का सराहनीय योगदान रहा. बेटी एंड तमोशा ग्रुप कोलकाता के कलाकार अभिमन्यु सिंह, राजा सिन्हा, राजन उज्जवल आदि ने भी भक्ति गीत पूरी रात समा बांध दिया. बताते चलें कि प्राचीन गढ़ कुटुंबा पर छठ पर्व को लेकर पहली बार पोखरा निर्माण कर अस्थायी घाट का बनाया गया है. यहां सैकड़ों व्रतियों ने भगवान भास्कर को अर्घ्य दिये.
लेले अइहा हो भइया मैहर के चुनरीया
लेले अइहा हो भइया मैहर के चुनरीया(फोटो नंबर-45) परिचय- उद्घाटन करते थानाध्यक्ष व अन्य अंबा (औरंगाबाद) छठ व्यक्ति को प्रकृति की पूजा करना सिखाता है. इस पर्व में पवित्रता और सफाई का विशेष महत्व है. व्रती के साथ इस पर्व में अन्य लोगों को भी बढ़-चढ़ कर भाग लेना चाहिए. ये बातें प्राचीन गढ़ कुटुंबा […]
