और कहीं नहीं होती देव जैसी छठ पूजा : डीएम (फोटो नंबर-13) परिचय- कंवल तनुज औरंगाबाद (ग्रामीण)सूर्य नगरी देव में छठव्रतियों के लगने वाले चार दिवसीय मेला को शांतिपूर्ण व भक्तिमय माहौल में संपन्न कराने के बाद सूर्य नगरी देव से लौटे जिला पदाधिकारी कंवल तनुज ने प्रभात खबर से कहा कि इस तरह की छठ पूजा और कहीं नहीं होती है. अन्य जगहों से छठव्रती आते हैं और अर्घदान कर चले जाते है. लेकिन, यहां तो लाखों लोग तीन-दिन तक छठ पूजा करते हैं और इनके भीतर छठ के प्रति उत्साह और त्याग की भावना जो दिखाई देती वह भी अन्य जगहों पर देखने को नहीं मिलती. मैं यहां रह कर यह महसूस किया हूं कि देव में छठ व्रत के लिये जो चार दिन का आयोजन होता है उसका नाम देव मेला नहीं होना चाहिए. बल्कि छठ पूजा कहा जाना चाहिए. क्योंकि यहां मेला नहीं लगती, छठ व्रत की जाती है और व्रती चारों दिन नहाय -खाय ,खरना, उपवास, अर्घ्यदान और पारण करते है और यह सब बिहार में कहीं नहीं होती. इधर सूर्य नगरी देव में इस बार की प्रशासनिक व्यवस्था ने श्रद्धालुओं को परेशानियों से मुक्ति दिला दी. बड़े ही आराम के साथ दूर-दूर से पहुंचे श्रद्धालुओं ने बिना कोई परेशानी के भगवान सूर्य को अर्घदान किया.व्रतियों के परिजन भी उनके साथ मौजूद रहे. इस व्यवस्था की जम कर तारीफ हो रही है.
और कहीं नहीं होती देव जैसी छठ पूजा : डीएम
और कहीं नहीं होती देव जैसी छठ पूजा : डीएम (फोटो नंबर-13) परिचय- कंवल तनुज औरंगाबाद (ग्रामीण)सूर्य नगरी देव में छठव्रतियों के लगने वाले चार दिवसीय मेला को शांतिपूर्ण व भक्तिमय माहौल में संपन्न कराने के बाद सूर्य नगरी देव से लौटे जिला पदाधिकारी कंवल तनुज ने प्रभात खबर से कहा कि इस तरह की […]
