छठ में ईख की बढ़ जाती है महत्ता औरंगाबाद (नगर) छठ पर्व में श्रद्धालुओं द्वारा प्रसाद बनाने के लिए नये चावल व नये गुड़ की जुगाड़ की जा रही है. व्रती का मानना है कि भगवान के प्रसाद में नये फल, फूूल की आवश्यकता होती है. इस पर्व में ईख की महत्ता बढ़ जाती है. व्रतियों को ईख के लिए अन्य जगहों या बाजार में तलाशना पड़ता है. विद्वान बताते हैं कि छठ पर्व में उपवास के दिन अन्य फलों के साथ ईख रख कर पूजा की जाती है. कृषि विभाग के अधिकारी खरीफ महोत्सव व रबी महोत्सव कराते हैं, पर ईख जैसे फसल के बारे में किसानों को नहीं बताते हैं. जबकि कार्तिक माह के छठ में और एकादशी जेठान को ईख से ही भगवान की पूजा की जाती है. दूसरे तरफ ईख की खेती करने वाले किसान अन्य फसलों की उत्पादन करने की अपेक्षा अधिक खुशहाल रहते हैं.
छठ में ईख की बढ़ जाती है महत्ता
छठ में ईख की बढ़ जाती है महत्ता औरंगाबाद (नगर) छठ पर्व में श्रद्धालुओं द्वारा प्रसाद बनाने के लिए नये चावल व नये गुड़ की जुगाड़ की जा रही है. व्रती का मानना है कि भगवान के प्रसाद में नये फल, फूूल की आवश्यकता होती है. इस पर्व में ईख की महत्ता बढ़ जाती है. […]
